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बठिंडा के श्रद्धालु ने माता ज्वालामुखी के चरणों में 53 ग्राम सोने का छत्र अर्पित किया
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मनोकामना पूरी होने पर विधि-विधान से माता के गर्भगृह में भेंट चढ़ाई गई
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मंदिर प्रशासन ने स्वर्ण छत्र को विधिवत स्वीकार कर सुरक्षित रखा
Jwala Devi Gold Chhatra: हिमाचल प्रदेश के शक्तिपीठ ज्वालामुखी मंदिर में नवरात्र के पावन अवसर पर पंजाब के बठिंडा निवासी एक श्रद्धालु ने अपनी बरसों पुरानी मन्नत पूरी होने पर माता के चरणों में 53 ग्राम सोने का भव्य छत्र अर्पित किया। श्रद्धालु अपने परिवार के साथ मंदिर पहुंचा और पूरे विधि-विधान से यह भेंट माता को समर्पित की। मंदिर प्रशासन ने इस स्वर्ण छत्र को विधिवत स्वीकार कर अपने पास सुरक्षित रख लिया।
हर साल नवरात्र के दौरान लाखों श्रद्धालु ज्वालामुखी मंदिर पहुंचते हैं और अपनी आस्था के प्रतीक स्वरूप विभिन्न प्रकार की भेंट माता को अर्पित करते हैं। भक्तों का विश्वास है कि माता ज्वाला की कृपा से उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं, और जब उनकी इच्छाएं पूर्ण हो जाती हैं, तो वे माता को आभारस्वरूप भेंट चढ़ाते हैं।
मंदिर अधिकारी मनोहर लाल शर्मा ने कहा कि यह स्वर्ण छत्र उस श्रद्धालु की गहरी आस्था और भक्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि नवरात्रि के अवसर पर माता के दरबार में भव्य उत्सव का आयोजन किया जाता है, जिसमें श्रद्धालु पूरे भक्तिभाव से माता की आराधना करते हैं।
मंदिर प्रशासन ने बताया कि श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए बहुमूल्य आभूषण और दान को उचित प्रक्रिया के तहत संग्रहित और सुरक्षित रखा जाता है।