➤ शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने स्व. ठाकुर रामलाल की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी
➤ रामलाल की विकासात्मक सोच और राजनीतिक योगदान को किया याद
➤ क्रिकेट प्रतियोगिता समापन पर विजेता टीमों को पुरस्कृत कर 50 हजार की घोषणा
जुब्बल-कोटखाई: पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय ठाकुर रामलाल की 23वीं पुण्यतिथि पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने गहरी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि स्वर्गीय ठाकुर रामलाल ने अपने विकासात्मक दृष्टिकोण और समर्पित नेतृत्व से जुब्बल-कोटखाई क्षेत्र को एक आदर्श विधानसभा के रूप में स्थापित किया। ठाकुर रामलाल ने अपने कार्यकाल में समान दृष्टिकोण के साथ पूरे हिमाचल प्रदेश में ढांचागत विकास को नई दिशा दी।
रोहित ठाकुर ने कहा कि स्वर्गीय ठाकुर रामलाल एक जमीन से जुड़े नेता थे जिन्होंने अपना पूरा जीवन जनता की सेवा को समर्पित किया। वह हिमाचल निर्माता यशवंत सिंह परमार की सरकार में वरिष्ठ मंत्री भी रहे और तीन बार प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। जुब्बल-कोटखाई की जनता ने उन्हें लगातार नौ बार विधायक चुना, और वह कभी चुनाव में पराजित नहीं हुए, जो प्रदेश की राजनीति में एक रिकॉर्ड है।
कार्यक्रम में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी जुब्बल-नावर-कोटखाई के अध्यक्ष मोतीलाल डेरटा समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने उनके साथ बिताए यादगार अनुभवों को साझा किया। रोहड़ू और चौपाल क्षेत्र से भी बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता स्व. ठाकुर रामलाल को श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने ग्रीन पार्क स्टेडियम सिरठी-कोहलाड़ा में आयोजित 20वीं ग्रामीण स्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिता के समापन समारोह की अध्यक्षता की। उन्होंने खिलाड़ियों और आयोजन समिति को बधाई दी और कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं युवाओं को सकारात्मक दिशा प्रदान करती हैं और उन्हें नशे से दूर रखने में मदद करती हैं।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र की भौगोलिक कठिनाइयों के बावजूद सीमित संसाधनों से इस तरह के आयोजन एक प्रशंसनीय पहल है, जो लगातार जारी रहनी चाहिए। रोहित ठाकुर ने सिरठी गांव से अपने घनिष्ठ संबंध का जिक्र करते हुए कहा कि क्षेत्र के विकास में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने जुब्बल से सिरठी तक महत्वपूर्ण सड़क निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी दी और कहा कि इसे जल्द पूरा किया जाएगा।
समारोह में उन्होंने विजेता और उपविजेता टीमों को पुरस्कार वितरित किए और स्थानीय युवक मंडल को पचास हजार रुपये की अनुदान राशि देने की घोषणा की।



