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पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ेंगे! केंद्र ने एक्साइज ड्यूटी घटाई: पेट्रोल-डीजल पर ₹10 की कटौती

केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 13 से घटाकर 3 रुपए की, डीजल पर टैक्स पूरी तरह खत्म
कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर पार, कंपनियों के भारी घाटे को कम करने के लिए फैसला
सरकार बोली- देश में 60 दिन का ईंधन स्टॉक, किसी तरह की कमी नहीं



देश में बढ़ती महंगाई और अंतरराष्ट्रीय हालात के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा राहत भरा फैसला लिया है। सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी में भारी कटौती कर दी है। अब पेट्रोल पर यह ड्यूटी 13 रुपए से घटाकर 3 रुपए प्रति लीटर कर दी गई है, जबकि डीजल पर इसे पूरी तरह जीरो कर दिया गया है। इस फैसले का उद्देश्य आम लोगों को बढ़ती कीमतों से राहत देना और बाजार में ईंधन की कीमतों को स्थिर बनाए रखना है।

दरअसल, इजराइल-ईरान जंग के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। जो पहले करीब 70 डॉलर प्रति बैरल थीं, अब 100 डॉलर के पार पहुंच चुकी हैं। इससे देश की तेल कंपनियों पर भारी दबाव पड़ा है और उन्हें घाटा उठाना पड़ रहा है। ऐसे हालात में अगर सरकार हस्तक्षेप नहीं करती तो कंपनियों को पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ानी पड़तीं, जिससे आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ता।

सरकार ने इसी दबाव को कम करने के लिए एक्साइज ड्यूटी में कटौती का कदम उठाया है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के मुताबिक, पिछले एक महीने में वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतों में 30% से 50% तक बढ़ोतरी हुई है। भारत में तेल कंपनियां फिलहाल पेट्रोल पर करीब 24 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर करीब 30 रुपए प्रति लीटर का घाटा झेल रही हैं।

गौरतलब है कि एक्साइज ड्यूटी एक इनडायरेक्ट टैक्स है, जिसे केंद्र सरकार सामान के उत्पादन या निर्माण पर लगाती है। इसके अलावा राज्यों द्वारा VAT भी लगाया जाता है, जिससे अंतिम कीमत प्रभावित होती है। ऐसे में एक्साइज ड्यूटी में कटौती का सीधा असर कीमतों को नियंत्रित करने में मददगार होता है।

इससे पहले निजी कंपनी नायरा एनर्जी ने पेट्रोल के दाम ₹5 प्रति लीटर और डीजल के दाम ₹3 प्रति लीटर बढ़ा दिए थे। इसके बाद भोपाल में पेट्रोल ₹111.72 और डीजल ₹94.88 तक पहुंच गया था। हालांकि यह कीमतें राज्यों के टैक्स के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं।

इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करेंगे, जिसमें ईरान जंग के बाद बने हालात पर चर्चा संभव है। इससे पहले भी उन्होंने राज्यसभा में कहा था कि यदि यह जंग जारी रही तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं और आने वाला समय चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

सरकार ने साथ ही देश में ईंधन की कमी की खबरों को सिरे से खारिज किया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय का कहना है कि वैश्विक स्थिति चाहे जैसी भी हो, भारत के पास फिलहाल 60 दिनों का पर्याप्त पेट्रोल और डीजल स्टॉक उपलब्ध है, जिससे घबराने की कोई जरूरत नहीं है।