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हिमाचल में बादल फटने और बाढ़ से अब तक 5 की मौत, 8 लापता, रेस्‍कयू जारी

हिमाचल में बादल फटने और बाढ़ से अब तक 6 की मौत, 8 लापता
बकरथाच से 50 ट्रैकर रेस्क्यू, पंडोह डैम में गाद से विद्युत उत्पादन ठप
मौसम विभाग ने 29 जून और 2 जुलाई के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया

पराक्रम चंद, शिवांशु शुक्‍ला, विपलव सकलानी ( शिमला, धर्मशाला, मंडी )


HimachalFloods: हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं ने बुधवार को व्यापक तबाही मचाई। कुल्लू और कांगड़ा जिलों में फ्लैश फ्लड और भूस्खलन की घटनाओं में अब तक 6 लोगों की मौत, जबकि 8 लोग लापता हो चुके हैं। धर्मशाला, सैंज, मनाली, गड़सा और बंजार क्षेत्रों में बादल फटने से भारी तबाही हुई। गुरुवार को मौसम खुलने के बाद राहत कार्यों में तेजी आई है।

कुल्लू के जीवा नाला, मनाली स्नो गैलरी, होरनगाड़ और गड़सा के शिलागढ़ में बाढ़ से 10 छोटे पुल, 8 गाड़ियां और एक बिजली प्रोजेक्ट बह गए। सैंज घाटी के शैशर, शांघड़ और सुचैहन पंचायतों में 150 से अधिक पर्यटक वाहनों सहित सैकड़ों लोग फंसे हुए थे जिन्हें प्रशासन ने सुरक्षित निकाला।

धर्मशाला के खनियारा में मनूणी खड्ड में आए बाढ़ के बाद 6 लोग लापता, जबकि 4 शव बरामद किए गए हैं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार रेस्क्यू में जुटी हैं। कमांडेंट बलजिंदर सिंह खुद मौके पर मौजूद हैं। मृतकों में चैन सिंह (डोडा), आदित्य ठाकुर (चंबा) और प्रदीप वर्मा (देवरिया, यूपी)  और चंबा के चंदन पुत्र प्रदीप निवासी सोहरपुर U.P.  शामिल हैं।

बकरथाच में फंसे 50 पर्यटक ट्रैकरों को प्रशासन ने सुबह सुरक्षित रेस्क्यू किया। ये सभी एक नाले में अचानक आई बाढ़ के चलते रातभर वहीं फंसे रहे। डीसी तोरुल एस रविश ने बताया कि 27-28 जून को फिर ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है, पर्यटकों से सावधानी बरतने की अपील की गई है।

पंडोह डैम में भारी बारिश के चलते जलस्तर बढ़ा, बग्गी सुरंग से देहर पावर हाउस को जलापूर्ति रोकी गई, जिससे विद्युत उत्पादन अस्थायी रूप से बंद है। डैम में गाद की मात्रा अधिक है और स्थिति सामान्य होने तक पानी नहीं छोड़ा जाएगा। गुरुवार को जलस्तर 2913 फीट रहा, जोकि खतरे के स्तर 2941 फीट से नीचे है।

मौसम विभाग ने अगले 6 दिन तक लगातार बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। 28 जून और 2 जुलाई को भारी बारिश, जबकि 29 जून को ऑरेंज अलर्ट रहेगा। ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा में विशेष सावधानी की जरूरत है।

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू देर रात तक हालात की निगरानी करते रहे। उन्होंने कहा कि 15 से अधिक घर तबाह, और सड़कों को भारी नुकसान हुआ है। पर्यटकों को सावधानी से आने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि हिमाचल सुरक्षित है, बस नदी-नालों से दूरी बनाए रखें। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी जानमाल के नुकसान पर शोक जताया है।