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राज्यपाल की दो टूक– आपदा राहत मांगना मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी

➤ आपदा राहत पर राज्यपाल की दो टूक: केंद्र से मदद मांगना CM की जिम्मेदारी, जयराम ठाकुर की नहीं
➤ बोले शिव प्रताप शुक्ल– मुख्यमंत्री को केंद्र से बात करनी चाहिए, विपक्ष की नहीं बनती भूमिका
➤ नशे पर भी जताई चिंता, कहा– हिमाचल में नए रिहैब सेंटर तक नहीं खोल पा रही सरकार



हिमाचल प्रदेश में आपदा राहत को लेकर केंद्र सरकार से मदद की मांग पर सियासत के बीच राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने बड़ा बयान दिया है। शिमला में मीडिया से बातचीत में राज्यपाल ने दो टूक कहा कि केंद्र से विशेष राहत पैकेज की मांग उठाना मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की जिम्मेदारी है, न कि विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर की।

मुख्यमंत्री ने हाल ही में अपने बयान में विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर से अनुरोध किया था कि वे केंद्र की भाजपा सरकार से हिमाचल के लिए विशेष पैकेज की मांग करें, जिस पर राज्यपाल ने सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि “अगर कोई मांग केंद्र से करनी है तो वह मुख्यमंत्री को करनी चाहिए, न कि विपक्ष के नेता को”।

राज्यपाल शुक्ल ने स्पष्ट किया कि आपदा प्रभावितों को राहत देने और पुनर्वास की जिम्मेदारी भी राज्य सरकार की है, न कि केंद्र खुद आकर जमीन उपलब्ध कराएगा या लोगों को बसाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार नुकसान का आकलन कर रही है और रिपोर्ट के आधार पर राहत राशि देगी।

इसके साथ ही राज्यपाल ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री ने आपदा को लेकर उनसे अब तक कोई औपचारिक चर्चा नहीं की है, जबकि यह विषय राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। नौ तोड़ के मामलों को लेकर भी राज्यपाल ने सरकार पर सवाल खड़े किए कि मांगी गई संख्या अब तक नहीं दी गई है।

राज्यपाल शुक्ल ने प्रदेश में बढ़ते नशे के मामलों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हिमाचल सरकार अभी तक एक नया रिहैब सेंटर भी शुरू नहीं कर पाई है। सिर्फ ‘जगह तलाश’ की बात कहकर सरकार बचती रही है। उन्होंने हाल ही में काशी में आयोजित केंद्र सरकार के ‘नशा मुक्त युवा विकसित भारत अभियान’ में हिमाचल के नशा उन्मूलन प्रयासों की जानकारी साझा की थी। हालांकि उन्होंने माना कि जागरूकता बढ़ी है, लेकिन मांग में कटौती और ठोस कार्रवाई की अभी भी जरूरत है।