➤ हमीरपुर के पनियाला गांव के जवान सुशील कुमार का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
➤ फैजाबाद में ड्यूटी के दौरान चक्कर आने से हुआ था निधन
➤ बेटे नक्ष राणा ने दी पिता को मुखाग्नि, गांव में शोक की लहर
हमीरपुर, 22 अक्टूबर 2025: जिला हमीरपुर के गांव पनियाला के नायक सुशील कुमार का बुधवार को उनके पैतृक गांव में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। पूरे गांव की आंखें नम थीं जब सुशील कुमार की पार्थिव देह तिरंगे में लिपटी उनके घर पहुंची। घर पहुंचते ही पत्नी, दादी और छोटे बेटे-बेटी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
सुशील कुमार के बेटे नक्ष राणा ने पिता को मुखाग्नि दी, जबकि पूरे गांव ने ‘भारत माता की जय’ और ‘अमर रहे सुशील कुमार’ के नारों के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी। इस दौरान सेना के जवानों ने गॉर्ड ऑफ ऑनर देकर अपने साथी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
फैजाबाद (उत्तर प्रदेश) में ड्यूटी के दौरान सोमवार सुबह लगभग चार बजे सुशील कुमार को अचानक चक्कर आया। साथी जवानों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन हालत गंभीर होने पर कमांडो अस्पताल रेफर किया गया। इलाज के दौरान सोमवार शाम सात बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
लखनऊ से चंडीगढ़ विमान के माध्यम से और फिर एंबुलेंस से उनके पार्थिव शरीर को गांव पनियाला लाया गया। दोपहर करीब 12 बजे गांव पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया।
विधायक सुजानपुर रंजीत कुमार, तहसीलदार और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे। सुशील कुमार 13 रेजीमेंट में बतौर नायक सेवारत थे और अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। पीछे पत्नी, आठवीं कक्षा में पढ़ने वाला बेटा और छठी कक्षा में पढ़ने वाली बेटी को छोड़ गए हैं।
उनके भाई तिलक कुमार ने बताया कि सुशील कुछ दिन पहले ही छुट्टी पर घर आए थे और परिवार के साथ समय बिताया था। पूरे गांव ने उनके बलिदान को नमन करते हुए कहा कि देश के लिए उनका समर्पण हमेशा याद रखा जाएगा।



