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BJP विधायक हंसराज की जमानत को हाईकोर्ट में चुनौती, पीड़िता की याचिका पर नोटिस; चार सप्ताह में जवाब तलब

चुराह से BJP विधायक हंसराज पर दर्ज POCSO मामला हाईकोर्ट पहुंचा
पीड़िता ने चंबा कोर्ट से मिली जमानत को दी चुनौती
हाईकोर्ट ने प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर 4 सप्ताह में जवाब मांगा


हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के चुराह विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक हंसराज पर दर्ज POCSO Act के मामले ने अब कानूनी रूप से नया मोड़ ले लिया है। चंबा की निचली अदालत से मिली नियमित जमानत को पीड़िता ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में चुनौती दी है। इस पर सुनवाई करते हुए हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने विधायक हंसराज सहित सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल अदालत ने मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की है और याचिका की एडमिशन पर अंतिम निर्णय अभी होना बाकी है।

यह आदेश जस्टिस राकेश कैंथला की बेंच ने पारित किया। सुनवाई के दौरान पीड़िता की ओर से एडवोकेट बीएल सोनी और एडवोकेट नितिन सोनी उपस्थित हुए, जबकि राज्य की ओर से एडिशनल एडवोकेट जनरल जितेंद्र शर्मा ने पक्ष रखा। याचिकाकर्ता की ओर से राज्य, एसपी चंबा और एसएचओ महिला थाना चंबा को प्रतिवादी बनाया गया है। अदालत ने याचिकाकर्ता को एक सप्ताह के भीतर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश भी दिए हैं।

उल्लेखनीय है कि विधायक हंसराज को 27 नवंबर 2025 को चंबा कोर्ट से नियमित जमानत मिल चुकी है। इससे पहले गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने अदालत का रुख किया था, जहां उन्हें पहले दो सप्ताह की अंतरिम जमानत और बाद में नियमित जमानत प्रदान की गई थी।

सिलसिलेवार समझें पूरा मामला

मामला अगस्त 2024 का है। 9 अगस्त 2024 को पीड़िता ने विधायक पर अश्लील चैट, नग्न तस्वीरें मांगने, व्यक्तिगत धमकियां देने और दबाव बनाने के आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करवाई थी। 16 अगस्त 2024 को चंबा के महिला पुलिस थाना में एफआईआर दर्ज की गई।

एफआईआर के बाद युवती के बयान चुराह कोर्ट में दर्ज हुए। हालांकि, कुछ ही दिनों बाद युवती सोशल मीडिया पर लाइव आई और विधायक पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया। उसने कहा कि वह मानसिक तनाव और गलतफहमी में बयान दे बैठी थी। इसके बाद मामला कुछ समय के लिए शांत हो गया।

लेकिन अक्टूबर 2025 में मामले ने फिर तूल पकड़ा, जब पीड़िता ने सात मिनट से अधिक का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। वीडियो में वह रोती हुई नजर आई और अपने परिवार को खतरा होने की बात कही। उसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और विधायक पर गंभीर आरोप दोहराए।

नवंबर 2025 में पीड़िता के पिता ने कांग्रेस नेता यशवंत खन्ना के साथ चंबा में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सनसनीखेज आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि पिछले वर्ष कोर्ट में बयान के बाद विधायक के कथित समर्थकों ने उनकी बेटी का अपहरण कर शिमला ले जाया, मोबाइल फोन तोड़ दिया और परिवार को धमकाया। घर जलाने की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया। इन आरोपों की शिकायत पुलिस को भी दी गई।

7 नवंबर 2025 को पीड़िता ने एक और वीडियो जारी कर विधायक पर शारीरिक शोषण के आरोप लगाए। इसके बाद उसके कोर्ट में बयान दर्ज किए गए और विधायक हंसराज के खिलाफ POCSO Act के तहत मामला दर्ज किया गया।

अब यह मामला हाईकोर्ट में पहुंच चुका है, जहां जमानत को चुनौती दी गई है। राज्य सरकार और अन्य पक्षों के जवाब के बाद अगली सुनवाई में अदालत आगे की दिशा तय करेगी। फिलहाल, मामला प्रारंभिक चरण में है और न्यायालय ने किसी भी पक्ष के आरोपों पर अंतिम टिप्पणी नहीं की है।