➤ जनवरी ड्रग अलर्ट में 215 दवाओं के सैंपल फेल
➤ हिमाचल में बनी 71 दवाएं गुणवत्ता जांच में असफल
➤ स्टॉक बाजार से वापस मंगवाने और नोटिस जारी करने की तैयारी
शिमला। जनवरी के ड्रग अलर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। देशभर में 215 दवाओं के सैंपल गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं, जिनमें से हिमाचल प्रदेश में बनी 71 दवाएं शामिल हैं।
राज्य ड्रग विभाग की जांच में पांवटा साहिब, कालाअंब, सोलन, ऊना और परवाणू में तैयार की गई कई दवाएं फेल पाई गई हैं। इनमें खांसी-जुकाम, उच्च रक्तचाप, पेट संक्रमण, फंगल संक्रमण, बुखार और मधुमेह से जुड़ी दवाएं शामिल हैं।
राज्य प्रयोगशाला की ओर से देशभर में लिए गए 147 सैंपलों में से 51 हिमाचल के हैं, जो फेल हुए। वहीं, केंद्रीय औषधि नियंत्रण संगठन यानी Central Drugs Standard Control Organization (सीडीएसओ) द्वारा लिए गए सैंपलों में देश के 68 और हिमाचल के 20 सैंपल असफल पाए गए हैं।
इन क्षेत्रों की दवाएं फेल:
बद्दी, कालूझिंडा, झाड़माजरी, बरोटीवाला, नालागढ़, थाना, मानपुरा, लोदीमाजरा, मोगीनंद, खैरी, सुबाथू और सोलन के लोहारन क्षेत्र में बनी विभिन्न दवाएं जांच में मानकों पर खरी नहीं उतरीं। कई कंपनियों की कफ सिरप, कैल्शियम, आयरन, एंब्रोक्सोल, बीपी, अल्सर, अस्थमा, संक्रमण और दर्द निवारक दवाएं फेल पाई गई हैं।
सीडीएसओ की जांच में भी झाड़माजरी, कालाअंब, बद्दी, पांवटा और परवाणू की दवा कंपनियों के सैंपल असफल रहे। इनमें हड्डी और दांतों की मजबूती, जीवाणु संक्रमण, एसिडिटी, उल्टी, फंगल और उच्च रक्तचाप की दवाएं शामिल हैं।
बाजार से वापस मंगवाया जाएगा स्टॉक
राज्य ड्रग कंट्रोलर डॉ. मनीष कपूर ने बताया कि सैंपल फेल होने वाले उद्योगों के खिलाफ ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। संबंधित कंपनियों को नोटिस जारी कर बाजार से स्टॉक वापस मंगवाया जाएगा और दोबारा जांच भी कराई जाएगी।



