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हिमाचल सरकार ने 24 घंटे में पलटा फैसला, संजय गुप्ता को मुख्य सचिव का कार्यभार, केके पंत दोबारा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अध्यक्ष बने

हिमाचल सरकार ने 24 घंटे में आदेश पलटा
संजय गुप्ता को मुख्य सचिव का अतिरिक्त कार्यभार
केके पंत दोबारा पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड अध्यक्ष बने


शिमला। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने महज 24 घंटे के फैसला पलटते हुए वरिष्ठ IAS संजय गुप्ता (1988 बैच) को मुख्य सचिव का अतिरिक्त कार्यभार सौंप दिया है। इसके साथ ही वे अतिरिक्त मुख्य सचिव (नगर एवं ग्राम नियोजन एवं आवास) का कार्यभार भी संभालेंगे।

बीती रात जारी आदेशों में संजय गुप्ता को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया था। साथ ही उनके पास रोपवे एवं रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड, शिमला के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार भी था। लेकिन सरकार ने आज तड़के अपने आदेश वापस लेते हुए केके पंत (IAS 1993 बैच) को फिर से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त कर दिया।

इसके अलावा सरकार ने ओंकार चंद शर्मा (IAS 1994 बैच), जो वर्तमान में अतिरिक्त मुख्य सचिव (जनजातीय विकास) हैं, को रोपवे और रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड, शिमला का अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है।

वहीं कमलेश कुमार पंत (IAS 1993 बैच) को बड़ी जिम्मेदारियां दी गई हैं। अब वे अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व)-सह-वित्त आयुक्त (राजस्व), अतिरिक्त मुख्य सचिव (वन, गृह और सतर्कता), वित्त आयुक्त (अपील) और साथ ही राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, शिमला के अध्यक्ष के रूप में कार्य करेंगे।

यह फेरबदल खास इसलिए भी अहम है क्योंकि मुख्य सचिव की दौड़ में संजय गुप्ता सबसे आगे माने जा रहे थे। वे प्रदेश के सबसे सीनियर IAS अधिकारी हैं। उनके बाद सीनियरिटी में 1993 बैच के केके पंत आते हैं। माना जा रहा है कि इस उठापटक के बाद मुख्य सचिव की स्थायी नियुक्ति को लेकर जल्द ही फैसला हो सकता है।

गौरतलब है कि ओंकार शर्मा का नाम भी चर्चा में था लेकिन हाल ही में चीफ इंजीनियर विमल नेगी की मौत मामले में उनकी जांच रिपोर्ट को लेकर उठे सवालों के चलते उनकी दावेदारी कमजोर हो गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रदेश की मुख्य सचिव पद की रेस और भी दिलचस्प हो गई है।