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कोटखाई में सेब उत्पादक संघ का पहला सम्मेलन, आंदोलन की रणनीति तय

कोटखाई में सेब उत्पादक संघ का पहला ब्लॉक सम्मेलन संपन्न
भूमि बेदखली, FTA और ट्रेड डील पर तेज आंदोलन का ऐलान
23 सदस्यीय नई ब्लॉक कमेटी का सर्वसम्मति से गठन


हिमाचल सेब उत्पादक संघ के कोटखाई ब्लॉक का प्रथम सम्मेलन शनिवार को खनेटी (कोटखाई) में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सम्मेलन में कोटखाई क्षेत्र के विभिन्न गांवों से आए प्रतिनिधियों ने भाग लिया। राज्य कमेटी सदस्य संजय चौहान, रोहड़ू इकाई से रमन थरटा तथा जुब्बल इकाई से जय सिंह जैहटा और संजय कुमार विशेष रूप से मौजूद रहे। सम्मेलन में बागवानों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर गंभीर मंथन किया गया और भविष्य की रणनीति को लेकर ठोस निर्णय लिए गए।

सम्मेलन का मुख्य फोकस भूमि से बेदखली के मामलों पर रहा। वक्ताओं ने कहा कि बागवानों को उनके पुश्तैनी अधिकारों से वंचित करने की कोशिशें चिंता का विषय हैं। इस मुद्दे पर सरकार से स्पष्ट नीति बनाने की मांग की गई। वक्ताओं ने दो टूक कहा कि जब तक सरकार उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुरूप भूमि देने की ठोस नीति नहीं बनाती, तब तक चरणबद्ध और संगठित आंदोलन जारी रहेगा।

इसके अलावा केंद्र सरकार द्वारा न्यूजीलैंड और यूरोपियन यूनियन के साथ किए गए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) तथा अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर भी चिंता जताई गई। बागवानों का कहना है कि इन समझौतों से विदेशी सेब के आयात में बढ़ोतरी होगी, जिससे स्थानीय उत्पादकों को भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है। साथ ही बिजली संशोधन बिल 2025, स्मार्ट मीटर, और मनरेगा जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने इन नीतियों को किसान विरोधी बताते हुए इनके खिलाफ आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया।

सम्मेलन के दौरान सर्वसम्मति से 23 सदस्यीय ब्लॉक स्तरीय कमेटी का गठन किया गया। नई कार्यकारिणी में जितेन्द्र रतनैइक (रिंकू) को प्रधान, प्रकाश धीरटा और रिशी लाल को उप प्रधान, चांद राम को संयुक्त सचिव, राकेश मैहता को सचिव, राजेश धर्मा को कोषाध्यक्ष तथा निशांत रोंटा को सह सचिव चुना गया।

इसके अतिरिक्त कार्यकारिणी सदस्यों के रूप में फागणू राम, यशपाल खिख्टा, मेघराम, देवेन्द्र सिंह (शीरा), चेतराम, मोहन सिंह, विजय थमोना, गुलाब पंवार, मदन चैइटा, यशपाल नेक्टा, हरीश गुप्ता और बिट्टू चैइंटा को शामिल किया गया। सम्मेलन में 27 और 28 फरवरी 2025 को शिमला में होने वाले जिला सम्मेलन के लिए 10 प्रतिनिधियों का भी चयन किया गया।

सम्मेलन का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि संगठन को और मजबूत करने के लिए गांव स्तर पर कमेटियों का गठन प्राथमिकता से किया जाएगा। बागवानों की समस्याओं के समाधान और अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया गया।