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विधानसभा परिसर में सत्तापक्ष और विपक्ष की एक दूसरे के खिलाफ जमकर नारेबाजी , जानें वजह

आरडीजी को लेकर विधानसभा में भारी हंगामा
सत्ता पक्ष–विपक्ष में तीखी नारेबाजी, एक-दूसरे पर गंभीर आरोप


हिमाचल प्रदेश विधानसभा में बुधवार को बजट सत्र के पहले चरण के तीसरे और अंतिम दिन सदन के अंदर और बाहर जमकर हंगामा हुआ। आरडीजी (राजस्व घाटा अनुदान) के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के बाद शाम को सदन की कार्यवाही 18 मार्च सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

कार्यवाही स्थगित होने के बाद विधानसभा परिसर में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और भाजपा विधायकों ने सरकार पर “हिमाचल को बेचने” का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। वहीं मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और कांग्रेस विधायकों ने भाजपा पर आरडीजी से जुड़े सरकारी संकल्प का समर्थन न करने का आरोप लगाते हुए पलटवार किया।

सदन के अंदर भी गरमाया माहौल


नियम-102 के अंतर्गत प्रस्तुत सरकारी संकल्प पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद हिमाचल को भारी राजस्व नुकसान हुआ है। उन्होंने दावा किया कि जून 2022 के बाद राज्य को 18,239 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। साथ ही कहा कि भाजपा सरकार को आरडीजी और जीएसटी प्रतिपूर्ति के रूप में 70 हजार करोड़ रुपये मिले, जबकि वर्तमान सरकार को केवल 17 हजार करोड़ रुपये मिले हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि वे केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और 16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष से चार बार मिल चुके हैं और 2026 से 2031 तक आरडीजी को समान रखने का आग्रह किया है।

जवाब में जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सदन में गलत आंकड़े प्रस्तुत किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा ने 15वें वित्त आयोग के समक्ष प्रदेश का मजबूत पक्ष रखा था और केंद्र से मदद दिलाई थी। उनका आरोप था कि वर्तमान सरकार हिमाचल के हितों की प्रभावी पैरवी नहीं कर पा रही है।

हंगामे के दौरान विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंच गए, जिसके बाद अध्यक्ष को कार्यवाही पहले 10 मिनट के लिए और बाद में 18 मार्च तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।

राजनीतिक टकराव जारी

सत्र की घटनाओं से स्पष्ट है कि आरडीजी का मुद्दा प्रदेश की राजनीति में बड़ा विवाद बन चुका है। दोनों दल एक-दूसरे पर आर्थिक कुप्रबंधन और गलत तथ्यों के आरोप लगा रहे हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमाने की संभावना है।