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प्री-नर्सरी से 12वीं तक शिक्षा व्यवस्था के लिए प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को किया स्तरोन्नत
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आरटीई नियमों में संशोधन, 5वीं और 8वीं कक्षा में बोर्ड परीक्षा की होगी व्यवस्था
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एचआरटीसी के बेड़े में 297 इलेक्ट्रिक और 24 सुपर लग्जरी बसें शामिल होंगी
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तकनीकी शिक्षा विभाग में शिक्षकों के लिए राज्य पुरस्कार योजना शुरू
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बाल देखभाल संस्थानों में 15 वर्ष से रह रहे बच्चों को मिलेगा हिमाचली प्रमाण-पत्र
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अवैध खनन पर रोकथाम के लिए निगरानी तंत्र होगा मजबूत
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शोंगटोंग-कड़छम जल विद्युत परियोजना के लिए 1000 करोड़ रुपये की सरकारी गारंटी
Himachal Education Reform: हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में शिक्षा प्रणाली के सुधार और प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाने के उद्देश्य से प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को स्कूल शिक्षा निदेशालय में स्तरोन्नत करने की मंजूरी दी गई। इस फैसले से प्री-नर्सरी से 12वीं कक्षा तक की शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा, जबकि उच्च शिक्षा निदेशालय अब महाविद्यालयों सहित उच्च शिक्षा के सभी पहलुओं का प्रबंधन करेगा।
इसके अलावा, बच्चों को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार, हिमाचल नियम, 2011 में संशोधन कर 5वीं और 8वीं कक्षा में परीक्षा प्रणाली को बहाल करने का निर्णय लिया गया। जो छात्र इन परीक्षाओं में असफल होंगे, उन्हें परिणाम घोषित होने की तिथि से दो महीने के भीतर पुनः परीक्षा का अवसर दिया जाएगा।
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए, हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के बेड़े में 297 इलेक्ट्रिक बसें और 24 वातानुकूलित सुपर लग्जरी बसें शामिल करने का निर्णय लिया गया है। इससे परिवहन सेवाएं पर्यावरण अनुकूल और अधिक सुलभ होंगी।
मंत्रिमंडल ने तकनीकी शिक्षा विभाग में शिक्षकों को राज्य पुरस्कार प्रदान करने की योजना को मंजूरी दी। इस योजना के तहत 6 श्रेणियों में कुल 10 पुरस्कार दिए जाएंगे, जिनमें सर्वश्रेष्ठ शिक्षक (आईटीआई, बहुतकनीकी, इंजीनियरिंग और फार्मेसी कॉलेज स्तर), अनुसंधान उत्कृष्टता, नवाचार और उद्योग समन्वय के लिए पुरस्कार शामिल होंगे।
सरकार ने बाल देखभाल संस्थानों में 15 वर्ष या उससे अधिक समय से रह रहे परित्यक्त बच्चों को हिमाचली प्रमाण-पत्र जारी करने की अनुमति देने का निर्णय लिया है। इससे वे राज्य की सरकारी नौकरियों और विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
अवैध खनन पर रोकथाम के लिए निगरानी तंत्र को मजबूत करने हेतु नए वाहन खरीदे जाएंगे। वहीं, शोंगटोंग-कड़छम जल विद्युत परियोजना के लिए 1000 करोड़ रुपये की सरकारी गारंटी एचपीपीसीएल को प्रदान की गई है।
बैठक में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना की सेवाओं की सराहना की गई, जो इस माह सेवानिवृत्त हो रहे हैं।