➤ 1602 बिजली उपभोक्ता मित्र, 1000 टी-मेट और 645 पटवारी पदों पर भर्ती को मंजूरी
➤ स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 400 स्टाफ नर्स, 200 मेडिकल ऑफिसर और 28 डायलिसिस सेंटर की सौगात
➤ मुख्यमंत्री स्टार्ट-अप योजना, पर्यटन-हॉस्पिटैलिटी और ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा
शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में सोमवार को हुई हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेशवासियों के लिए कई बड़े फैसले लिए गए। बैठक में प्रदेश में रोजगार सृजन, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, शिक्षा में सुधार और पर्यटन को नई दिशा देने वाले निर्णयों पर मुहर लगी।
कैबिनेट ने 1602 बिजली उपभोक्ता मित्रों की नियुक्ति का निर्णय लिया, ताकि फील्ड स्टाफ की कमी पूरी हो सके और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। इसके साथ ही 1000 टी-मेट पद भरे जाएंगे। ग्रामीण प्रशासन को सशक्त बनाने के लिए 645 पटवारी प्रशिक्षु आधार पर नियुक्त होंगे।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 400 स्टाफ नर्स, 200 मेडिकल ऑफिसर और 300 ग्राम पंचायत जॉब ट्रेनीज की नियुक्ति को मंजूरी दी गई। प्रदेश के 9 जिलों में 28 डायलिसिस सेंटर स्थापित होंगे। साथ ही, मेडिकल कॉलेजों में 38 असिस्टेंट प्रोफेसर के पद भी सृजित किए जाएंगे।
शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा फैसला लेते हुए कैबिनेट ने 100 सरकारी स्कूलों को CBSE से एफिलिएट करने का निर्णय लिया। उच्च शिक्षा विभाग में डीनोटिफाई किए गए सात कॉलेजों के 45 टीचिंग और 61 नॉन-टीचिंग स्टाफ को सरप्लस पूल में शामिल किया जाएगा।
पर्यटन और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री स्टार्ट-अप योजना को हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री में लागू किया जाएगा। इसके तहत नए होमस्टे स्थापित करने या पुराने होमस्टे को अपग्रेड करने वालों को ब्याज सब्सिडी दी जाएगी – शहरी क्षेत्र में 3%, ग्रामीण क्षेत्र में 4% और जनजातीय क्षेत्रों में 5%।
बैठक में प्रशासनिक ढांचे को सुदृढ़ बनाने के लिए कई फैसले लिए गए – नया सब-तहसील साच (चंबा) में खोली जाएगी, चडियार (कांगड़ा) को तहसील का दर्जा मिलेगा। इसके अलावा नंगल में नया पटवार सर्कल, जल शक्ति उपमंडल हर्सी (ज्वालामुखी) और भोरंज, बमसन व सुजानपुर विकास खंडों का पुनर्गठन भी तय हुआ।
पुलिस व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पारवाणू और धर्मपुर थानों में नए पद, स्नातक योग्य पुलिस कांस्टेबल्स को धारा 176(1) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के तहत जांच का अधिकार, और टूरिज्म में पैराग्लाइडिंग सुरक्षा कोर्स अनिवार्य किया गया।
इसी तरह, ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट और सोलर/CBG पावर प्रोजेक्ट्स के लिए भूमि लीज पर देने, कांगड़ा एयरपोर्ट भूमि अधिग्रहण की समय सीमा 24 माह बढ़ाने, और HIMUDA को 80 वर्षों तक भूमि लीज देने पर भी कैबिनेट ने सहमति दी।
कुल मिलाकर, यह बैठक प्रदेश में रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और बुनियादी ढांचे को नई दिशा देने वाली साबित हुई।



