दिल्ली में सुक्खू की कांग्रेस प्रभारी से मुलाकात, नए संगठन को लेकर चर्चा

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  • मुख्यमंत्री सुक्खू ने दिल्ली में कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल से की मुलाकात

  • प्रदेश कांग्रेस संगठन के गठन को लेकर नामों पर हुई चर्चा

  • कांग्रेस हाईकमान इस हफ्ते नए संगठन की घोषणा कर सकता है


Himachal Congress Reorganization: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार देर शाम दिल्ली में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल और सह प्रभारी चेतन चौहान के साथ बैठक की। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस के नए संगठन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री सुक्खू ने संगठन के संभावित दावेदारों के नाम रजनी पाटिल को सौंपे, जिन पर मंथन किया गया। इससे पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह भी अपने खेमे के दावेदारों के नाम रजनी पाटिल को सौंप चुकी हैं।

सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस हाईकमान इसी हफ्ते नए संगठन को अंतिम रूप देकर उसकी घोषणा कर सकता है। प्रदेश में कांग्रेस की राज्य, जिला और ब्लॉक कांग्रेस कमेटियां पिछले 150 दिनों से भंग पड़ी हैं, जिससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ रहा है।

कांग्रेस संगठन का संकट:गौरतलब है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 6 नवंबर 2023 को हिमाचल प्रदेश कांग्रेस की सभी कार्यकारिणी समितियों को भंग कर दिया था। तब से प्रदेश कांग्रेस बिना संगठन के चल रही है, जिससे पार्टी की गतिविधियां ठप हैं और कार्यकर्ताओं में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। प्रदेश में पिछले पांच महीनों से प्रतिभा सिंह ही कांग्रेस की इकलौती पदाधिकारी बनी हुई हैं। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने बीते 28 फरवरी को दावा किया था कि 15 दिनों के भीतर नया संगठन बना दिया जाएगा, लेकिन एक महीने से अधिक समय बीतने के बावजूद अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष में बदलाव की संभावना नहीं: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह को बदले जाने की अटकलें लंबे समय से लगाई जा रही थीं, लेकिन सूत्रों का कहना है कि फिलहाल ऐसा कोई फैसला नहीं लिया जाएगा। पार्टी नेतृत्व नहीं चाहता कि होलीलॉज खेमा नाराज हो, इसलिए कांग्रेस प्रतिभा सिंह के नेतृत्व में ही आगे बढ़ सकती है।

मुख्यमंत्री का आगामी दौरा: मुख्यमंत्री सुक्खू 4 अप्रैल को केरल से दिल्ली लौटेंगे और 5 अप्रैल को शिमला पहुंच सकते हैं। इसके बाद वे 8 अप्रैल को अहमदाबाद में होने वाले कांग्रेस अधिवेशन में भाग लेने के लिए दोबारा प्रदेश से बाहर जाएंगे।