Follow Us:

हिमाचल कांग्रेस की नई कार्यकारिणी 15 दिन में, प्रतिभा सिंह बनी रहेंगी अध्यक्ष

Himachal Congress New Executive: हिमाचल प्रदेश कांग्रेस में आगामी 15 दिनों के भीतर नई कार्यकारिणी गठित की जाएगी, जिसमें सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व मिलेगा। कांग्रेस प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल ने शनिवार को शिमला में प्रेस वार्ता के दौरान यह घोषणा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश अध्यक्ष के रूप में प्रतिभा सिंह बनी रहेंगी और संगठन में “एक व्यक्ति, एक पद” का सिद्धांत लागू किया जाएगा। इसके तहत सरकार में नियुक्त नेता संगठन में पद नहीं संभाल सकेंगे।

रजनी पाटिल ने कहा कि पार्टी हाईकमान ने उन्हें नई कार्यकारिणी के गठन की जिम्मेदारी सौंपी है और इस बार बोर्ड, निगमों और महिला आयोग में भी जल्द नियुक्तियां की जाएंगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार में पूरी मजबूती के साथ काम कर रही है और वर्ष 2027 में भी पार्टी सत्ता में लौटेगी।

पार्टी कार्यकर्ताओं की नाराजगी और समाधान के प्रयास

बैठक के दौरान कुछ पूर्व प्रत्याशियों ने सरकार की अनदेखी को लेकर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी उन्हें सचिवालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं और कई बार सुरक्षा कर्मी भी उन्हें अंदर जाने से रोक देते हैं। कुछ विधायकों ने वित्तीय संकट का मुद्दा उठाते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश को फंड जारी नहीं किया जा रहा, जिससे विकास कार्य बाधित हो रहे हैं।

इस नाराजगी को दूर करने के लिए पार्टी प्रभारी ने समन्वय कमेटी गठित करने की बात कही, जो संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने का काम करेगी। साथ ही, उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से चर्चा कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हर सप्ताह एक मंत्री प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में बैठे ताकि कार्यकर्ताओं की समस्याओं को हल किया जा सके।

भाजपा पर हमला, केंद्र पर वित्तीय संकट का आरोप

रजनी पाटिल ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष राज्यों में सरकारें गिराने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि एक साल पहले हिमाचल में भी ऑपरेशन लोटस की कोशिश हुई थी, लेकिन कांग्रेस की एकजुटता के कारण भाजपा सफल नहीं हो सकी।

इसके अलावा, उन्होंने केंद्र सरकार पर हिमाचल को जानबूझकर वित्तीय संकट में डालने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि प्रदेश को पर्याप्त पैसा नहीं दिया जा रहा और यह सब कांग्रेस सरकार को बदनाम करने की साजिश का हिस्सा है।

हिमाचल कांग्रेस में नए संगठनात्मक बदलाव और सरकार-संगठन के बीच बेहतर समन्वय बनाने के इन प्रयासों के साथ आगामी चुनावों की तैयारी शुरू हो चुकी है।