➤ सहकारी सभाएं अब चलाएंगी पेट्रोल पंप ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
➤ सरकार के सहयोग से सभाओं को मिलेगा पेट्रोलियम मंत्रालय से लाइसेंस
➤ आवेदन आमंत्रित स्वरोजगार को मिलेगा नया अवसर
हिमाचल प्रदेश में अब सहकारी सभाएं भी ग्रामीण विकास और स्वरोजगार का मजबूत माध्यम बनेंगी। सरकार ने सहकारिता विभाग के तहत पंजीकृत सहकारी सभाओं को पेट्रोल पंप संचालन की अनुमति देने की योजना शुरू की है। इसके लिए सहकारिता विभाग ने आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पेट्रोल पंप खोलने की जिम्मेदारी सहकारी सभाओं को सौंपी जाएगी, जिससे उन्हें प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से आर्थिक लाभ मिलेगा और ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे।
वर्तमान में बागवानी, कृषि, हस्तशिल्प, दुग्ध, पशुपालन, लोक मित्र केंद्र, सीएससी सेंटर जैसी गतिविधियाँ संचालित कर रहीं सहकारी सभाएं अब पेट्रोल पंप जैसे अत्याधुनिक सेवा क्षेत्रों में भी कदम रखेंगी। पेट्रोलियम मंत्रालय भारत सरकार की ओर से सहकारिता विभाग की अनुशंसा पर लाइसेंस जारी किया जाएगा। इसके लिए जरूरी औपचारिकताओं को पूरा करना अनिवार्य होगा।
जिला अंकेक्षण अधिकारी राजेश जसवाल ने बताया कि सहकारी सभाओं को पेट्रोल पंप संचालन की अनुमति देने की योजना से ग्रामीण आर्थिक ढांचे को सशक्त किया जा सकेगा। आवेदन के लिए सदस्यों के पहचान पत्र, भूमि के स्वामित्व दस्तावेज, आर्थिक सक्षमता प्रमाण, एनओसी, पीएनजीआरबी लाइसेंस, स्थानीय निकायों से अनुमति जैसी दस्तावेजी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।
इस दिशा में लाहौल पोटेटो सोसायटी हिमाचल की एक प्रेरणादायक मिसाल बनी है, जो वर्ष 1989 से पेट्रोल पंप का संचालन कर रही है। चेयरमैन सुदर्शन जस्पा ने बताया कि संस्था अब तक सिस्सू और तांदी छुरपक में दो पेट्रोल पंप चला रही है, जबकि तीसरे की औपचारिकताएं अंतिम चरण में हैं।
सरकार की यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ सहकारी आंदोलन को भी नया जीवन देगी। इससे न केवल स्थानीय लोगों को सस्ता और सुलभ ईंधन उपलब्ध होगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और सामुदायिक भागीदारी को भी प्रोत्साहन मिलेगा।



