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हिमाचल बिजली बोर्ड घाटे में, अप्रैल 2025 से बढेंगी दरें, आम उपभोक्‍ताओं को झटके की तैयारी, दरें बढ़ाने का प्रस्ताव

Himachal Power Tariff Hike 2025: हिमाचल प्रदेश में इस साल बिजली दरों में कोई वृद्धि न करके राहत देने वालही सरकार इस बार अप्रैल माह से बिजली का झटका देने की तैयारी में है। बिजली बोर्ड की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होने का हवाला देते हुए अप्रैल 2025 से प्रति यूनिट बिजली दरें 75 पैसे से 1 रुपये तक बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

बोर्ड के अनुसार, प्रत्येक महीने 125 यूनिट मुफ्त बिजली देने की योजना से आर्थिक संतुलन प्रभावित हुआ है। इस स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाना पड़ रहा है।बता दें कि  राज्य सरकार की ओर से हर साल 750 से 1000 करोड़ रुपये की सब्सिडी मिलने के बावजूद, बोर्ड के लिए अपने खर्च पूरे करना मुश्किल हो गया है। बिजली बोर्ड को प्रतिमाह लगभग 180 करोड़ रुपये वेतन और पेंशन पर खर्च करने पड़ते हैं, जिससे राजस्व घाटा 300 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।

साल 2024 में लोकसभा चुनावों के कारण प्रदेश में बिजली की दरें स्थिर रखी गई थीं। हालांकि, बोर्ड ने राज्य विद्युत नियामक आयोग को प्रस्ताव भेजकर अप्रैल 2025 से बिजली दरों में वृद्धि की वकालत की है। वर्तमान में बोर्ड लगभग 25 लाख घरेलू और अन्य श्रेणियों के उपभोक्ताओं को बिजली सप्लाई कर रहा है।

बोर्ड ने घाटे का हवाला दिया


राज्य विद्युत नियामक आयोग ने 2023-24 में घरेलू उपभोक्ताओं को 125 यूनिट से अधिक खपत पर प्रति यूनिट 22 पैसे और अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को 46 पैसे की दर से बिजली महंगी की थी। हालांकि, इन दरों का भार सरकार ने अतिरिक्त सब्सिडी देकर उठाया। बोर्ड ने अब 2025-26 के लिए 300 करोड़ रुपये के घाटे का हवाला देते हुए बिजली दरों में बढ़ोतरी की मांग की है। वर्तमान दरें 31 मार्च 2025 तक लागू रहेंगी।