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छिड़ा ‘टैक्स युद्ध’, क्या 31 मार्च को बंद हो जाएंगे पंजाब-हिमाचल बॉर्डर के सभी एंट्री पॉइंट्स?

31 मार्च से पंजाब-हिमाचल बॉर्डर पर अनिश्चितकालीन धरने की घोषणा
निजी वाहनों का एंट्री टैक्स ₹70 से बढ़ाकर ₹170 करने पर बवाल
बॉर्डर सील और जवाबी टैक्स लगाने की चेतावनी से बढ़ा तनाव


हिमाचल प्रदेश में एंट्री टैक्स बढ़ाने के फैसले ने अब पड़ोसी राज्य Punjab के साथ तनाव की स्थिति पैदा कर दी है। Sukhvinder Singh Sukhu सरकार द्वारा निजी हल्के वाहनों (LMVs) के लिए एंट्री टैक्स ₹70 से बढ़ाकर ₹170 किए जाने के फैसले के खिलाफ अब ज़मीनी स्तर पर बड़ा विरोध शुरू हो गया है। यह नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू होनी हैं, लेकिन इससे पहले ही सीमावर्ती क्षेत्रों में माहौल गरमा गया है।

पंजाब के Rupnagar (रोपड़), Kiratpur Sahib और Anandpur Sahib में टैक्सी यूनियनों और स्थानीय संघर्ष समितियों ने इस फैसले के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इन संगठनों ने ऐलान किया है कि 31 मार्च से पंजाब-हिमाचल के सभी एंट्री पॉइंट्स पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह टैक्स सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले आम लोगों पर सीधा आर्थिक बोझ डालता है, जो रोज़गार, व्यापार और अन्य कामों के लिए रोजाना सीमा पार करते हैं।

स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब Harjot Singh Bains ने भी इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए हिमाचल सरकार के फैसले का विरोध किया। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर यह टैक्स वापस नहीं लिया गया तो पंजाब सरकार भी हिमाचल के कमर्शियल वाहनों पर ₹1000 तक का रिटालिएटरी टैक्स लगा सकती है। इस बयान के बाद दोनों राज्यों के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

प्रदर्शनकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे बॉर्डर को पूरी तरह सील कर देंगे, जिससे आवाजाही और व्यापार पर बड़ा असर पड़ सकता है। खासकर पर्यटन और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को इसका सीधा नुकसान झेलना पड़ सकता है।

अब सबकी नजर हिमाचल सरकार के अगले कदम पर टिकी है कि क्या वह इस फैसले पर पुनर्विचार करेगी या फिर यह विवाद आने वाले दिनों में और बड़ा रूप लेगा।