➤ एंट्री टैक्स के विरोध में गरामोड़ और ढेरोंवाल बैरियर पर पंजाब के संगठनों का बड़ा धरना
➤ सीएम सुक्खू सरकार के खिलाफ नारेबाजी, पुरानी दरें बहाल करने की मांग
➤ लंबे जाम में मरीज, स्कूली बच्चे और एचआरटीसी बसें फंसीं, पुलिस बल तैनात
बिलासपुर/सोलन। हिमाचल में लागू किए गए एंट्री टैक्स को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। बुधवार सुबह से गरामोड़ बैरियर और रूपनगर-नालागढ़ मार्ग के ढेरोंवाल बैरियर पर पंजाब के विभिन्न संगठनों ने बड़ा धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे सीमा क्षेत्रों में यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रवेश शुल्क को पूरी तरह समाप्त करने और पुरानी दरों को बहाल करने की मांग उठाई।
धरने के दौरान प्रदर्शन स्थल पर “लड़दे लोकी जिंदाबाद”, “इंकलाब जिंदाबाद”, “पंजाब-हिमाचल दा भाईचारा जिंदाबाद” जैसे नारे गूंजते रहे। इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू और राज्य सरकार के खिलाफ भी तीखी नारेबाजी की। विरोध कर रहे संगठनों का कहना है कि बढ़े हुए एंट्री टैक्स से पंजाब और हिमाचल के बीच आने-जाने वाले लोगों, व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
धरने का सबसे बड़ा असर आम जनता पर देखने को मिला। गरामोड़ बैरियर पर सुबह से लंबा जाम लग गया, जिसमें सैकड़ों वाहन फंस गए। जाम में मरीज, नौकरीपेशा लोग, स्कूली बच्चे और दैनिक यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोग इलाज के लिए अस्पताल जा रहे थे, लेकिन जाम के कारण समय पर नहीं पहुंच सके। वहीं हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की करीब दस बसें भी रास्ते में फंस गईं, जिससे यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ गईं।
उधर ढेरोंवाल बैरियर पर भी प्रदर्शनकारियों ने सुबह से चक्का जाम कर रखा है। यहां वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है और किसी भी वाहन को निकलने नहीं दिया जा रहा। हालांकि इमरजेंसी वाहनों को रास्ता दिया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा है कि जब तक सरकार एंट्री टैक्स कम नहीं करती और पुरानी दरों पर शुल्क नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस और प्रशासन प्रदर्शनकारियों से लगातार बातचीत कर रास्ता खुलवाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन खबर लिखे जाने तक जाम की स्थिति बनी हुई थी। लंबे समय से जाम में फंसे लोगों में प्रशासन और प्रदर्शनकारियों दोनों के प्रति नाराजगी देखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि जल्द समाधान निकालकर यातायात सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है।



