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हिमाचल में पांच एचपीएएस अधिकारियों के तबादला आदेश जारी, भूपेंद्र कुमार बने एचपीएसआईडीसी के एमडी

➤ हिमाचल सरकार का प्रशासनिक फेरबदल, पांच एचपीएएस अधिकारियों के तबादला आदेश जारी
➤ 2009 बैच के भूपेंद्र कुमार बने एचपीएसआईडीसी के एमडी, कृष्ण कुमार शर्मा को लगाया गया एसडीएम सरकाघाट
➤ एसडीएम राजिंदर कुमार गौतम और नौणी विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार सिद्धार्थ आचार्य को कार्मिक विभाग में रिपोर्ट करने के निर्देश


हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल करते हुए एचपीएएस अधिकारियों की नई तैनाती और तबादलों के आदेश जारी किए हैं। मुख्य सचिव केके पंत की ओर से जारी आदेशों के तहत सरकार ने पांच अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इनमें 2009 बैच के एचपीएएस अधिकारी भूपेंद्र कुमार को हिमाचल प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम (एचपीएसआईडीसी) का मैनेजिंग डायरेक्टर (एमडी) नियुक्त किया गया है।

एचपीएसआईडीसी के एमडी का पद आईपीएस अधिकारी संजीव कुमार गांधी के हिमाचल प्रदेश जनरल इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन (एचपीजीआईसी) में एमडी नियुक्त होने के बाद से खाली था। संजीव कुमार गांधी (आईपीएस-2012) को 24 अक्तूबर को एचपीजीआईसी का एमडी लगाया गया था। इसके बाद सरकार ने अब भूपेंद्र कुमार को एचपीएसआईडीसी की जिम्मेदारी सौंपी है।

वहीं, कृष्ण कुमार शर्मा को मंडी जिले के सरकाघाट में एसडीएम लगाया गया है। इसके अलावा दो अधिकारियों को कार्मिक विभाग में रिपोर्ट करने और एक अधिकारी को दो विश्वविद्यालयों का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। सरकाघाट के मौजूदा एसडीएम राजिंदर कुमार गौतम (एचपीएएस-2022) को आगामी तैनाती के लिए कार्मिक विभाग में रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।

डॉ. वाईएस परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के रजिस्ट्रार रहे सिद्धार्थ आचार्य (एचपीएएस-2013) को भी आगामी तैनाती के लिए कार्मिक विभाग में रिपोर्ट करने को कहा गया है। वह मानव भारती विश्वविद्यालय, सोलन के प्रशासक का अतिरिक्त कार्यभार भी संभाल रहे थे।

वहीं, जिला उद्योग केंद्र सोलन के महाप्रबंधक सुरेंद्र कुमार (एचपीएएस-2015) को नौणी विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार और मानव भारती विश्वविद्यालय, सोलन के प्रशासक का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।

जानिए क्या है मामला और क्यों अहम हैं ये तैनातियां: एचपीएसआईडीसी प्रदेश में औद्योगिक विकास से जुड़ा सरकारी निगम है, जो उद्योगों की स्थापना और औद्योगिक क्षेत्रों के विकास में अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में निगम के शीर्ष पद पर नियमित एमडी की तैनाती से कामकाज और निर्णय प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद की जाती है। वहीं, किसी अधिकारी को कार्मिक विभाग में रिपोर्ट करने के निर्देश का अर्थ है कि उन्हें फिलहाल मौजूदा पद से हटाया गया है और उनकी अगली तैनाती के आदेश बाद में जारी किए जाएंगे। एसडीएम जैसे पद सीधे आम जनता से जुड़े होते हैं, क्योंकि राजस्व, कानून-व्यवस्था और विभिन्न प्रमाणपत्रों से जुड़े कार्य उपमंडल स्तर पर इन्हीं के माध्यम से होते हैं। नई तैनाती के बाद क्षेत्र के लोग अपनी समस्याओं के लिए उपमंडल कार्यालय में नए अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।