Follow Us:

हिमाचल में बारिश से तबाही, 9 लापता, 2 शव मिले, आज भारी बारिश का अलर्ट

कुल्लू, कांगड़ा और लाहौल-स्पीति में बादल फटने से तबाही, 9 से अधिक लोग लापता
2 शव बरामद, 15–20 लोगों के लापता होने की आशंका, सर्च ऑपरेशन जारी
हजारों टूरिस्ट सड़कों के बंद होने से फंसे, प्रशासन रेस्क्यू में जुटा


हिमाचल प्रदेश में बारिश कहर बन चुकी है। अभी तक कुल्लू, कांगड़ा और लाहौल-स्पीति जिलों में बादल फटने और नालों में बाढ़ आने से भारी तबाही मच गई। आज भी भारी बारिश का अलर्ट हैद्य प्रशासन की ओर से दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, कांगड़ा के खनियारा में 6 मजदूरों के लापता होने की पुष्टि हुई है, जबकि स्थानीय विधायक सुधीर शर्मा ने 15 से 20 मजदूरों के बहने की आशंका जताई है।

मौसम विभाग ने आज भी 10 जिलों– बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर, सोलन और ऊना में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। लोगों और टूरिस्टों को नदी-नालों के किनारे और लैंडस्लाइड संभावित क्षेत्रों में न जाने की एडवाइजरी जारी की गई है।

उधर राहत की खबर यह है कि मौसम विभाग के अनुसार, आज रात से वेस्टर्न डिस्टरबेंस कमजोर पड़ सकता है। इससे राज्य में मौसम में कुछ हद तक सुधार आने की संभावना है। शिमला में सुबह के समय मौसम साफ रहा, जिससे कुछ इलाकों में राहत की उम्मीद जगी है।

कुल्लू जिले में सैंज घाटी के रैला बिहाल क्षेत्र में भी 3 लोग लापता बताए गए हैं। मनूणी खड्ड में आए अचानक बाढ़ ने मजदूरों के एक शेड को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे वे लापता हो गए। घटना बुधवार दोपहर करीब ढाई बजे की है। राहत की बात है कि कुछ मजदूरों ने समय रहते जान बचा ली, लेकिन कई अब भी लापता हैं। अब तक 2 शव बरामद किए जा चुके हैं।

कुल्लू के सैंज, जीवा नाला, शिलागढ़, मनाली स्नो गैलरी और बंजार के होरनगाड़ में भी बादल फटने की घटनाएं सामने आई हैं। इन क्षेत्रों में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। करीब 2000 से ज्यादा टूरिस्ट तीर्थन वैली, शांघड़, जीभी, शोजा, कसोल और सैंज घाटी में फंसे हुए हैं। हालांकि प्रशासन का दावा है कि सभी होटलों और होम स्टे में सुरक्षित हैं।

बारिश और बाढ़ ने इन्फ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचाया है। 8 से ज्यादा गाड़ियां बह गईं, 4 घर क्षतिग्रस्त हुए, एक स्कूल, पटवार सर्कल, गोशाला, एक बिजली प्रोजेक्ट और 10 से ज्यादा पुलियों को नुकसान हुआ है। बिजली परियोजनाओं में काम कर रही मशीनरी भी बह गई या क्षतिग्रस्त हुई है।