➤ ग्रांट-इन-एड आदेश की अवमानना पर कड़ा रुख
➤ 2014 से लंबित मामला, शिक्षकों को राहत की उम्मीद
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में स्कूल शिक्षा निदेशक शिमला का वेतन अगले आदेश तक रोकने के आदेश दिए हैं। यह आदेश न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल ने एक अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान जारी किया।
याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि 10 जून 2024 को कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया था, जिसमें राज्य सरकार को आठ हफ्ते के भीतर सहायता अनुदान (ग्रांट-इन-एड) जारी करने का आदेश दिया गया था। लेकिन इतने समय बीत जाने के बाद भी आदेश का पालन नहीं किया गया।
यह मामला वर्ष 2014 से लंबित है और इसमें उच्च-वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में कार्यरत एसएमसी शिक्षक शामिल हैं। शिक्षकों ने कोर्ट में गुहार लगाई थी कि उन्हें सरकार की ओर से ग्रांट-इन-एड के तहत भुगतान किया जाए। याचिकाकर्ता ने यह भी बताया कि आदेश लागू करवाने के लिए उन्होंने दो निष्पादन याचिकाएं भी दायर कीं, लेकिन सरकार और विभाग की ओर से केवल टालमटोल किया गया।
हाईकोर्ट ने आदेश की अवहेलना पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि जब तक पूर्व आदेशों का पालन नहीं किया जाता, तब तक शिक्षा निदेशक का वेतन रोका जाएगा। इस फैसले से प्रभावित शिक्षकों को उम्मीद जगी है कि अब उनकी वर्षों पुरानी समस्या का समाधान होगा।



