➤ IAS कैडर 153 से घटाकर 130 और IFS कैडर 118 से 83 करने का फैसला
➤ CM सुक्खू बोले- हिमाचल को अधिकारियों की फौज नहीं, जरूरत के मुताबिक अफसर चाहिएं
➤ केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने वाले अधिकारियों को तुरंत मंजूरी, फील्ड अफसरों की 56 गाड़ियां घटकर 30 होंगी
शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में IAS, IPS और IFS अधिकारियों के कैडर को कम करने का फैसला लिया है। सरकार ने अधिकारियों का कैडर घटाने के लिए केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को पत्र भेजा है।
राज्य सरकार के प्रस्ताव के अनुसार IAS कैडर को 153 से घटाकर 130 और IFS कैडर को 118 से घटाकर 83 किया जाएगा। वहीं IPS कैडर में भी कमी की जाएगी। मौजूदा IPS कैडर 96 अधिकारियों का बताया गया है, हालांकि इसे घटाकर कितने पद किया जाएगा, इसकी संख्या स्पष्ट नहीं की गई है।
अधिकारियों की फौज की जरूरत नहीं: CM
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोमवार को शिमला स्थित ओकओवर में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत के दौरान कहा कि हिमाचल प्रदेश को अधिकारियों की फौज की जरूरत नहीं है। सरकार में उतने ही अधिकारी होने चाहिएं, जितने वास्तव में जरूरी हों और जो सरकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह व्यक्तिगत तौर पर प्रदेश में IAS अधिकारियों की संख्या 100 से 110 के बीच रखना चाहते हैं। हालांकि कुछ IAS अधिकारियों की नाखुशी को देखते हुए फिलहाल कैडर को 130 तक रखने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारी खुद भी यह मानते हैं कि उनके पास पर्याप्त काम नहीं है। ऐसी स्थिति में अधिकारियों की क्षमता और प्रतिभा का पूरा इस्तेमाल नहीं हो पाता। सरकार का उद्देश्य अधिकारियों की संख्या कम करके प्रशासनिक खर्च घटाने के साथ-साथ उपलब्ध अधिकारियों की कार्यक्षमता का बेहतर इस्तेमाल करना है।
अधिकारी कम होंगे तो सरकारी खर्च भी घटेगा
CM सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में अधिकारियों की संख्या कम करेगी। उनके अनुसार इससे एक अधिकारी पर करीब 200 करोड़ रुपये की बचत होगी। जितने अधिकारियों की संख्या कम होगी, सरकार उतना ही अधिक पैसा बचा सकेगी और इस राशि का इस्तेमाल लोगों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने में किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रशासनिक ढांचे को जरूरत के मुताबिक बनाना है, ताकि सरकारी संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल हो और जनता से जुड़े कार्यों पर अधिक धन खर्च किया जा सके।
फील्ड अफसरों की गाड़ियों की संख्या भी घटेगी
प्रशासनिक खर्च कम करने के लिए सरकार ने फील्ड अधिकारियों के लिए उपलब्ध 56 सरकारी गाड़ियों की संख्या घटाकर 30 करने का फैसला किया है। इसके अलावा सरकार सभी सरकारी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने की दिशा में भी काम कर रही है।
सरकार का मानना है कि सरकारी वाहनों और प्रशासनिक संसाधनों के खर्च को कम करके भी सरकारी खजाने पर बोझ घटाया जा सकता है।
केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने वाले अधिकारियों को तुरंत मंजूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने वाले अधिकारियों की फाइलें रोक दी जाती थीं, लेकिन अब सरकार की नीति में बदलाव किया गया है। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए अधिकारियों को तुरंत मंजूरी दी जा रही है और उन्हें समय पर रिलीव भी किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए सबसे ज्यादा मंजूरी दिल्ली जाने वाले अधिकारियों को दी जा रही है। सरकार का कहना है कि इससे अधिकारियों को केंद्र में काम करने के अवसर मिलेंगे और राज्य प्रशासन में भी उपलब्ध मानव संसाधन का जरूरत के अनुसार पुनर्गठन किया जा सकेगा।



