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हिमाचल में जमीन इंतकाल की प्रक्रिया आसान, अब महीने में 2–3 बार होंगे इंतकाल

➤ प्रदेश में अब जमीन के इंतकाल महीने में दो से तीन बार किए जाएंगे
➤ पहले केवल एक बार इंतकाल की व्यवस्था से लोगों को करना पड़ता था इंतजार
➤ राजस्व विभाग को सरकार ने जारी किए स्पष्ट निर्देश


हिमाचल प्रदेश में जमीन से जुड़े मामलों में आम लोगों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। अब प्रदेश में जमीन का इंतकाल महीने में दो से तीन बार किया जाएगा। पहले यह प्रक्रिया महीने में केवल एक बार होती थी, जिससे लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ता था।

राज्य सरकार ने इस संबंध में राजस्व विभाग को निर्देश जारी कर दिए हैं। सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था के लागू होने से लोगों को इंतकाल के लिए बार-बार चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और समय की बचत होगी।

प्रदेश सरकार ने राजस्व रिकॉर्ड ऑनलाइन कर दिया है। जमीन की रजिस्ट्री और इंतकाल की प्रक्रिया भी ऑनलाइन की जा रही है, लेकिन इसके बावजूद कई लोग अब भी कागजी रिकॉर्ड के आधार पर इंतकाल के लिए आवेदन कर रहे हैं। इसी कारण सरकार ने पटवारी, कानूनगो और तहसीलदार को निर्देश दिए हैं कि वे इंतकाल के लिए महीने में दो से तीन तिथियां निर्धारित करें।

निर्धारित तिथियों पर लोग पटवार सर्कल पहुंचेंगे, जहां तहसीलदार और नायब तहसीलदार इंतकाल से जुड़े आवेदनों का निपटारा करेंगे। जमीन की रजिस्ट्री के बाद आमतौर पर इंतकाल प्रक्रिया में लगभग एक सप्ताह का समय लगता है, जिसमें पटवारी द्वारा रजिस्टर में एंट्री, कानूनगो और पटवारी के हस्ताक्षर शामिल होते हैं।

राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने बताया कि लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है, ताकि इंतकाल प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और सुगम बनाया जा सके।