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हिमाचल पंचायत चुनावों की सरगर्मियां तेज, 21 अप्रैल के आसपास हो सकती है बड़ी घोषणा


➤ आरक्षण रोस्टर जारी होने के बाद पंचायत चुनाव प्रक्रिया ने पकड़ी रफ्तार
➤ 16 अप्रैल को राज्य चुनाव आयोग की अहम बैठक में शेड्यूल पर होगी चर्चा
➤ 31 मई तक पूरी चुनाव प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य



हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। आरक्षण रोस्टर जारी होने के बाद अब सभी की नजरें राज्य चुनाव आयोग की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं। संभावना जताई जा रही है कि 21 अप्रैल के आसपास पंचायत चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की जा सकती है।

राज्य चुनाव आयोग ने इस संबंध में 16 अप्रैल को एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। बैठक की अध्यक्षता राज्य चुनाव आयुक्त अनिल कुमार खाची करेंगे। इस बैठक में ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद चुनावों के लिए विस्तृत शेड्यूल को अंतिम रूप दिया जाएगा।

चुनाव प्रक्रिया को पूरा करने में आमतौर पर करीब 30 दिन का समय लगता है। इसमें नामांकन, नामांकन पत्रों की जांच, नाम वापसी, मतदान और मतगणना जैसी सभी जरूरी प्रक्रियाएं शामिल होती हैं। ऐसे में यदि चुनाव आयोग अप्रैल के तीसरे सप्ताह में कार्यक्रम घोषित करता है, तो पहले चरण का मतदान 20 या 21 मई के आसपास हो सकता है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार राज्य में पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों की पूरी प्रक्रिया 31 मई 2026 तक पूरी करना अनिवार्य है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि इस समय सीमा को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।

इसी बीच हाल ही में आरक्षण रोस्टर को लेकर कानूनी विवाद भी सामने आया है। हिमाचल हाईकोर्ट ने डीसी को 5 प्रतिशत सीटों के रोस्टर में बदलाव के अधिकार देने संबंधी अधिसूचना पर रोक लगाई थी और रोस्टर को दोबारा अंतिम रूप देने के निर्देश दिए थे। इसके बाद जिला प्रशासन ने तेजी से संशोधित रोस्टर जारी करने की प्रक्रिया शुरू की है।

चुनाव कार्यक्रम जारी होते ही पूरे प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी। इसके बाद नई सरकारी घोषणाओं, विकास कार्यों के शिलान्यास और वित्तीय स्वीकृतियों पर अस्थायी रोक लग जाएगी। ऐसे में राजनीतिक दलों और संभावित उम्मीदवारों ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।