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हिमाचल में 12854 उम्मीदवारों ने वापस लिए नामांकन, मंडी में 2291 उम्मीदवार चुनावी मैदान से हटे

➤ हिमाचल में 12854 दावेदारों ने वापस लिए नामांकन
➤ मंडी में सबसे ज्यादा 2291 उम्मीदवार चुनाव मैदान से हटे
➤ 130 से ज्यादा पंचायतें निर्विरोध चुनी गईं, आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद


हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों को लेकर तस्वीर अब पूरी तरह साफ हो गई है। नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रदेशभर में लगभग 12 हजार 854 दावेदारों ने अपने नामांकन वापस ले लिए हैं। इसके बाद अब प्रधान, उपप्रधान, वार्ड सदस्य, बीडीसी और जिला परिषद पदों के लिए करीब 72 हजार 608 उम्मीदवार चुनाव मैदान में बचे हैं।

राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार सबसे ज्यादा नामांकन मंडी जिले में वापस लिए गए हैं। यहां 2291 उम्मीदवारों ने चुनावी मैदान से हटने का फैसला किया। वहीं लाहौल-स्पीति जिले में सबसे कम 66 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन वापस लिए हैं।

अन्य जिलों की बात करें तो शिमला जिले में 2174, सिरमौर में 1806, कुल्लू में 1417, कांगड़ा में 1413, चंबा में 1101, ऊना में 661, सोलन में 606, बिलासपुर में 506, हमीरपुर में 477 और किन्नौर जिले में 336 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन वापस लिए हैं।

नामांकन वापसी के साथ ही प्रदेश में निर्विरोध चुनी जाने वाली पंचायतों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। अब तक 130 से अधिक पंचायतें निर्विरोध चुनी जा चुकी हैं। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से आधिकारिक आंकड़ा जारी किया जाना बाकी है, लेकिन माना जा रहा है कि निर्विरोध पंचायतों की संख्या 150 के पार पहुंच सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में इसे आपसी सहमति और सामाजिक सौहार्द की मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।

नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब पंचायत चुनावों में मुकाबले की तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट हो गई है। सभी उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिए गए हैं और अब गांव-गांव में चुनाव प्रचार तेज हो गया है। प्रत्याशी घर-घर जाकर मतदाताओं से समर्थन मांग रहे हैं। पंचायतों में चुनावी माहौल पूरी तरह गर्मा गया है।

प्रदेश की 3754 पंचायतों में तीन चरणों में मतदान कराया जाएगा। 26, 28 और 30 मई को वोटिंग होगी। प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्य पदों की मतगणना मतदान वाले दिन ही पंचायत भवनों में की जाएगी और उसी दिन परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।

वहीं बीडीसी और जिला परिषद सदस्यों की मतगणना 31 मई को जिला और ब्लॉक मुख्यालयों में होगी। प्रदेश में इस बार 3754 प्रधान, 3754 उपप्रधान, 21 हजार 654 वार्ड सदस्य, 1769 बीडीसी सदस्य और 251 जिला परिषद सदस्य चुने जाएंगे।

पंचायत चुनावों को लेकर गांवों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो चुकी हैं। कई स्थानों पर मुकाबला रोचक माना जा रहा है, जबकि कई पंचायतों में आपसी सहमति से निर्विरोध प्रतिनिधियों का चयन चर्चा का विषय बना हुआ है।