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हिमाचल में आपदा प्रबंधन एक्ट ख़त्म, पंचायती राज चुनाव का रास्ता साफ़

हिमाचल में आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत जारी पाबंदियां तत्काल प्रभाव से वापस

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव का रास्ता हुआ साफ

31 मई 2026 तक प्रदेश में चुनावी प्रक्रिया पूरी करने के दिए गए सख्त निर्देश


हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों के चुनाव करवाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए आपदा प्रबंधन अधिनियम (Disaster Management Act, 2005) के तहत लगाए गए प्रतिबंधों को वापस ले लिया है। मुख्य सचिव संजय गुप्ता द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, 8 अक्टूबर 2025 को जारी उस आदेश को रद्द कर दिया गया है, जिसके माध्यम से राज्य में कनेक्टिविटी की समस्या का हवाला देते हुए चुनावों को टाला गया था।

यह निर्णय माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा 13 फरवरी 2026 को दिए गए आदेश के अनुपालन में लिया गया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि राज्य चुनाव आयोग, पंचायती राज विभाग और शहरी विकास विभाग को 31 मार्च 2026 तक सभी लंबित प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी। इसके साथ ही, प्रदेश में चुनावी प्रक्रिया को 8 सप्ताह के भीतर, यानी 31 मई 2026 तक सकारात्मक रूप से संपन्न करना अनिवार्य होगा।

विदित रहे कि इससे पहले हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने भी 9 जनवरी 2026 को डिक्कन कुमार ठाकुर बनाम हिमाचल राज्य मामले में सुनवाई करते हुए 30 अप्रैल तक चुनाव कराने के निर्देश दिए थे, जिसे अब सुप्रीम कोर्ट ने नई समय सीमा (31 मई) के साथ संशोधित किया है। सरकार का मानना है कि अब प्रदेश में कनेक्टिविटी में काफी सुधार हो चुका है, इसलिए आपदा अधिनियम को जारी रखने का कोई औचित्य नहीं है। इस आदेश की प्रतियां राज्यपाल के सचिव, मुख्यमंत्री के सचिव और सभी जिला उपायुक्तों को आगामी कार्रवाई के लिए भेज दी गई हैं।