➤ पंचायतीराज विभाग ने 5 जिलों में पंचायत पुनर्गठन की अधिसूचना जारी की
➤ वार्ड, ग्राम सभा और पंचायत सीमाओं में बदलाव का प्रस्ताव
➤ 25 दिसंबर तक आम जनता से आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित
हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज विभाग ने पंचायतों के पुनर्गठन को लेकर बड़ा कदम उठाया है। विभाग की ओर से प्रदेश के पांच जिलों के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है, जिसमें ग्राम पंचायतों, वार्डों और ग्राम सभाओं की सीमाओं में बदलाव का प्रस्ताव रखा गया है। यह अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित की गई है।
जारी अधिसूचना के अनुसार ऊना, मंडी, शिमला, बिलासपुर और हमीरपुर जिलों में पंचायत पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। यह कार्रवाई हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 के प्रावधानों के तहत की जा रही है। सरकार का कहना है कि जनसंख्या वृद्धि, भौगोलिक परिस्थितियों और प्रशासनिक सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह पुनर्गठन आवश्यक हो गया था।
पुनर्गठन के तहत विभिन्न विकास खंडों में ग्राम पंचायतों के वार्डों की संख्या में बदलाव किया गया है। कुछ पंचायतों में नए वार्डों का गठन किया गया है, जबकि कई स्थानों पर ग्राम सभाओं की सीमाओं को पुनः परिभाषित किया गया है। अधिसूचना में प्रत्येक पंचायत के अंतर्गत आने वाले गांवों, वार्डों और ग्राम सभा क्षेत्रों का विस्तृत विवरण भी शामिल किया गया है।
राज्य सरकार ने इस प्रस्ताव को अंतिम रूप देने से पहले आम जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए हैं। इच्छुक व्यक्ति 25 दिसंबर तक संबंधित उपायुक्त या पंचायती राज विभाग के समक्ष अपनी आपत्ति या सुझाव दर्ज कर सकते हैं।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समयावधि के भीतर प्राप्त सभी आपत्तियों और सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। इसके बाद ही पंचायतों के पुनर्गठन को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इस प्रक्रिया को ग्रामीण प्रशासन को अधिक प्रभावी और जनहितकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



