➤ जल शक्ति विभाग में चार हजार मल्टी टास्क वर्करों की भर्ती की तैयारी
➤ पीडब्ल्यूडी, जल शक्ति विभाग और बिजली बोर्ड की खाली भर्तियां चरणबद्ध भरने का ऐलान
➤ बिजली बोर्ड में बिजली मित्रों की नियुक्ति में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता मिलेगी
शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार जल शक्ति विभाग में चार हजार मल्टी टास्क वर्करों के पद भरने जा रही है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को विधानसभा में विधायक भुवनेश्वर गौड़ के सवाल के जवाब में यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग में खाली पदों को भरने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है, ताकि विभागीय कामकाज को गति दी जा सके और कर्मचारियों की कमी को दूर किया जा सके।
विधानसभा में सरकार की ओर से दी गई इस जानकारी के बाद जल शक्ति विभाग में रोजगार की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी भर्ती का रास्ता साफ होता दिखाई दे रहा है। सरकार ने फिलहाल चार हजार मल्टी टास्क वर्करों की भर्ती की बात कही है। हालांकि, भर्ती की विस्तृत प्रक्रिया, आवेदन की तारीख और अन्य शर्तों की जानकारी इस जवाब में नहीं दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग और बिजली बोर्ड में खाली पदों को चरणबद्ध तरीके से भरा जाएगा। सरकार का तर्क है कि इन विभागों में पर्याप्त संख्या में कर्मचारी उपलब्ध होने से लंबित और नियमित विभागीय कार्यों को तेजी मिलेगी। जल शक्ति विभाग में चार हजार मल्टी टास्क वर्करों की भर्ती को इसी दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
जल शक्ति विभाग प्रदेश में पेयजल और अन्य जल संबंधी सेवाओं से जुड़े कार्यों के लिए महत्वपूर्ण विभाग है। ऐसे में कर्मचारियों की कमी का सीधा असर विभागीय स्तर पर होने वाले कामकाज पर पड़ सकता है। सरकार का कहना है कि रिक्त पदों को भरने से विभाग की कार्यक्षमता को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
विधानसभा में मुख्यमंत्री ने बिजली बोर्ड में खाली पदों को लेकर भी सरकार की योजना स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि बिजली बोर्ड में उपलब्ध रिक्तियों के अनुरूप बिजली मित्रों की भर्ती की जाएगी। इसके लिए संबंधित क्षेत्र के अधिशासी अभियंता को अधिकृत किया गया है। अधिकारी अपने क्षेत्र में उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर बिजली मित्रों की नियुक्ति कर सकेंगे।
सरकार ने बिजली मित्रों की भर्ती में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने की बात भी कही है। मुख्यमंत्री के अनुसार इससे स्थानीय स्तर पर युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और बिजली बोर्ड के कामकाज में भी सहयोग मिलेगा। यानी सरकार एक तरफ विभागीय रिक्तियों को भरने पर जोर दे रही है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने की कोशिश भी कर रही है।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय बेलदार के पद समाप्त कर मल्टी टास्क वर्करों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू की गई थी। अब जल शक्ति विभाग में चार हजार मल्टी टास्क वर्करों की भर्ती से कर्मचारियों की कमी को दूर करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सरकार के अनुसार प्रदेश के विभिन्न विभागों में खाली पदों को भरना केवल प्रशासनिक जरूरत नहीं है, बल्कि इससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। खासकर जल शक्ति विभाग में चार हजार पदों की भर्ती का ऐलान ऐसे समय हुआ है, जब सरकारी विभागों में रिक्त पदों को भरने का मुद्दा विधानसभा में लगातार उठाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग और बिजली बोर्ड में रिक्तियों को एक साथ नहीं बल्कि चरणबद्ध तरीके से भरा जाएगा। इससे अलग-अलग विभागों में कर्मचारियों की जरूरत और उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने का संकेत मिलता है।
विधानसभा में दिए गए इस जवाब से यह भी साफ है कि सरकार विभागीय स्तर पर खाली पदों को भरकर कामकाज को मजबूत करने पर जोर दे रही है। जल शक्ति विभाग में प्रस्तावित चार हजार मल्टी टास्क वर्करों की भर्ती इसी नीति का बड़ा हिस्सा है। वहीं बिजली बोर्ड में बिजली मित्रों की नियुक्ति से स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने की योजना बनाई गई है।
अब युवाओं की नजर भर्ती प्रक्रिया की अगली जानकारी पर रहेगी। चार हजार मल्टी टास्क वर्करों की भर्ती को लेकर आवेदन कब शुरू होंगे, चयन की प्रक्रिया क्या होगी और पदों का विभागीय स्तर पर किस तरह वितरण किया जाएगा, इसकी विस्तृत जानकारी सरकार की ओर से आगे जारी की जानी है।



