➤ शिमला के 80 और मंडी के 20 शराब ठेकों पर अब भी ताले
➤ 2125 में से 2018 ठेकों की ऑनलाइन नीलामी पूरी, 105 शेष
➤ बेस प्राइस 10 फीसदी बढ़ने से कारोबारी नहीं दिखा रहे रुचि
हिमाचल प्रदेश में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए शराब ठेकों की नीलामी प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद कई क्षेत्रों में ठेके अब भी आवंटन से बाहर हैं। सबसे ज्यादा चिंता शिमला और मंडी जिलों को लेकर सामने आई है, जहां क्रमशः 80 और 20 शराब ठेकों पर अब भी ताले लटके हुए हैं। स्थानीय कारोबारी इन ठेकों को लेने में खास रुचि नहीं दिखा रहे, जिससे आबकारी विभाग के सामने राजस्व और आवंटन की चुनौती खड़ी हो गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में कुल 2125 शराब ठेकों में से 2018 ठेकों की ऑनलाइन नीलामी पूरी कर ली गई है। इस तरह विभाग ने करीब 95 फीसदी लक्ष्य हासिल कर लिया है। हालांकि शेष ठेकों के लिए बार-बार निविदाएं आमंत्रित किए जाने के बावजूद अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार इस बार सरकार ने पिछले वर्ष की तुलना में बेस प्राइस में करीब 10 फीसदी बढ़ोतरी की है। इसे ही मुख्य वजह माना जा रहा है कि खासकर शिमला और मंडी जैसे क्षेत्रों में कारोबारी पीछे हट रहे हैं। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि बढ़ी हुई कीमतों के मुकाबले बिक्री का अनुपात संतुलित नहीं बैठ रहा, जिससे मुनाफे की गुंजाइश कम हो गई है।
वहीं कुल्लू और लाहौल-स्पीति जिलों की स्थिति इससे अलग रही। इन दोनों जिलों के सभी शराब ठेकों को एक बाहरी कंपनी ने अपने नाम कर लिया है। इससे साफ संकेत मिल रहा है कि जहां स्थानीय कारोबारी हिचकिचा रहे हैं, वहीं बाहरी कंपनियां इस कारोबार में अवसर देख रही हैं।
आबकारी विभाग ने शेष बचे ठेकों के लिए रोजाना ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित करने की प्रक्रिया जारी रखी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इन ठेकों का आवंटन कर दिया जाएगा, ताकि नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ व्यवस्था को पूरी तरह पटरी पर लाया जा सके।
फिलहाल विभाग की नजर शेष 105 ठेकों के जल्द आवंटन पर टिकी है। सरकार ने इस वर्ष शराब ठेकों की ऑनलाइन नीलामी से करीब 2900 करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य रखा है। ऐसे में शेष ठेकों का समय पर आवंटन सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



