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हिमाचल: प्राइमरी शिक्षकों की चेतावनी, 15 दिन में ब्रॉडबैंड-सिम कार्ड नहीं मिले तो बंद होगा ऑनलाइन काम

  • PTF ने शिक्षा विभाग को दिया 15 दिन का अल्टीमेटम

  • स्कूलों में टैब खराब, ब्रॉडबैंड नहीं और सिम कार्ड भी नहीं

  • 26 अप्रैल के बाद 10 शिक्षक सस्पेंड, FIR और अनुशासनात्मक कार्रवाई


Himachal Teachers Protest:हिमाचल प्रदेश के प्राइमरी टीचर फेडरेशन (PTF) ने शिक्षा विभाग को नोटिस देकर चेताया है कि यदि आगामी 15 दिनों में स्कूलों में ब्रॉडबैंड सुविधा और इंटरनेट चलाने हेतु सिम कार्ड उपलब्ध नहीं कराए गए, तो प्रदेशभर के प्राइमरी शिक्षक ऑनलाइन कार्य का पूर्ण बहिष्कार करेंगे।
PTF अध्यक्ष जगदीश शर्मा ने स्पष्ट किया कि अधिकांश स्कूलों में टैबलेट खराब पड़े हैं, ब्रॉडबैंड की सुविधा नदारद है, और शिक्षक अपने खर्चे पर इंटरनेट चलाकर काम कर रहे हैं, जो अनुचित है।

26 अप्रैल को शिमला के चौड़ा मैदान में हुए शांतिपूर्ण धरने के बाद से मामला और गरमा गया है। विभाग ने धरने में शामिल 10 शिक्षकों को सस्पेंड कर दिया जबकि कई पर एफआईआर भी दर्ज की गई। अब विभाग अन्य प्रदर्शनकारी शिक्षकों की सूची तैयार कर रहा है, और उनका एक दिन का वेतन काटने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

PTF अध्यक्ष ने दोहराया कि शिक्षक तानाशाही नहीं सहेंगे और यदि सरकार बातचीत को बुलाती है तो वे संवाद के लिए तैयार हैं, पर हक की लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे। उनका कहना है कि धरने से पहले नोटिस दिया गया था और कोई रास्ता नहीं रोका गया, इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध है

शिक्षकों की हड़ताल सिर्फ शिक्षा निदेशालय के पुनर्गठन के खिलाफ नहीं है, बल्कि इसमें पारदर्शिता की कमी, संवादहीनता और कार्य संसाधनों के अभाव जैसे मुद्दे भी शामिल हैं। 22 हजार से अधिक प्राइमरी शिक्षक इस आंदोलन में जुड़े हुए हैं, जिनका कहना है कि पुनर्गठन से पहले न तो मीटिंग की प्रक्रिया पारदर्शी थी, न ही उनकी राय ली गई।

कर्मचारी नेता हीरालाल वर्मा ने भी शिक्षकों का समर्थन करते हुए कहा कि संविधान का अनुच्छेद-19(1) कर्मचारियों को यूनियन बनाने, विचार व्यक्त करने और सरकार की नीतियों की आलोचना करने का संवैधानिक अधिकार देता है।