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हिमाचल में बारिश से हालात बिगड़े: 153 सड़कें बंद, 92 ट्रांसफार्मर ठप; किन्नौर कैलाश यात्रा 15 अगस्त तक बढ़ी

➤ हिमाचल में बारिश का कहर, भूस्खलन से 153 सड़कें बंद

➤ 92 बिजली ट्रांसफार्मर और 77 जल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित

➤ किन्नौर कैलाश यात्रा दूसरे दिन बंद, 14 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान


शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून की सक्रियता के बीच बारिश और भूस्खलन से दुश्वारियां लगातार बढ़ रही हैं। राज्य के कई हिस्सों में पहाड़ दरकने और मलबा सड़कों पर आने से यातायात प्रभावित हुआ है। शनिवार शाम 6 बजे तक प्रदेश में 153 सड़कें बंद रहीं। इसके साथ ही 92 बिजली ट्रांसफार्मर और 77 जल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं।

सबसे अधिक सड़कें मंडी, शिमला और कुल्लू जिलों में बंद होने की सूचना है। लगातार खराब मौसम के कारण प्रशासन और संबंधित विभागों के सामने बंद सड़कों को खोलने के साथ बिजली और पेयजल व्यवस्था बहाल करने की चुनौती बनी हुई है।

मौसम विभाग ने भी प्रदेशवासियों को फिलहाल राहत की उम्मीद कम जताई है। राज्य में 14 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है। कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर अलग-अलग दिनों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है।

किन्नौर कैलाश यात्रा लगातार दूसरे दिन भी बंद, अब 15 अगस्त तक चलेगी

खराब मौसम का असर किन्नौर कैलाश यात्रा पर भी पड़ा है। यात्रा लगातार दूसरे दिन बंद रही। शनिवार को भी प्रशासन ने श्रद्धालुओं को तांगलिंग और गणेश बाग बेस कैंप से आगे जाने की अनुमति नहीं दी। इससे पहले शुक्रवार को भी श्रद्धालुओं को इन्हीं बेस कैंप पर रोक दिया गया था।

हालात को देखते हुए प्रशासन ने यात्रा की अंतिम तिथि बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब किन्नौर कैलाश यात्रा 15 अगस्त तक संचालित की जाएगी। 15 अगस्त को यात्रा का समापन किया जाएगा।

प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि दूसरे बेस कैंप मलिंग खट्टा यानी गणेश बाग से कैलाश की ओर श्रद्धालुओं को आगे भेजने का फैसला रोजाना रात 11 बजे परिस्थितियों की समीक्षा के बाद लिया जाएगा।

नाले का जलस्तर और यात्रा मार्ग की स्थिति देखेगी टीम

श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए गणेश गुफा और मलिंग खट्टा में तैनात टीम गुफा के समीप स्थित नाले के जलस्तर और यात्रा मार्ग की स्थिति का निरीक्षण करेगी।

यदि मौके पर परिस्थितियां सुरक्षित पाई जाती हैं, तभी रात 11 बजे के बाद यात्रियों को आगे जाने की अनुमति दी जाएगी। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि अंतिम निर्णय आने तक इंतजार करें और बिना अनुमति के यात्रा मार्ग पर आगे न बढ़ें।

किन्नौर कैलाश यात्रा संचालन समिति के अध्यक्ष एवं एसडीएम कल्पा प्रवीण भारद्वाज ने बताया कि दो दिन यात्रा बाधित रहने के कारण अंतिम तिथि बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इसका उद्देश्य उन श्रद्धालुओं को आगामी दिनों में यात्रा का अवसर देना है, जो खराब मौसम के कारण यात्रा नहीं कर पाए।

उन्होंने यात्रियों से सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

इस मानसून में 152 लोगों की मौत, 240 घायल

हिमाचल में मौजूदा मानसून सीजन भी भारी नुकसान लेकर आया है। 30 जून से 8 अगस्त तक प्रदेश में 152 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 240 लोग घायल हुए हैं।

इनमें से 86 लोगों की मौत सड़क हादसों में हुई है। बारिश और प्राकृतिक आपदाओं से प्रदेश में मकानों, दुकानों और पशुधन को भी भारी नुकसान पहुंचा है।

आंकड़ों के अनुसार इस अवधि में 22 पक्के और 41 कच्चे मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं 248 कच्चे-पक्के मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा 12 दुकानें और 210 गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं।

मानसून के दौरान 197 पालतू पशुओं की भी मौत हुई है। प्रदेश में बारिश और अन्य प्राकृतिक घटनाओं से अब तक हुए कुल नुकसान का आंकड़ा 83,509.52 लाख रुपये तक पहुंच गया है।

14 अगस्त तक बारिश से राहत के आसार कम

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश के कई हिस्सों में 14 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क अवरोध का खतरा अभी बना रहेगा।

शनिवार को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर में कुछ स्थानों पर भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।

9 अगस्त को इन जिलों में येलो अलर्ट

9 अगस्त को ऊना, हमीरपुर और कांगड़ा में कुछ स्थानों पर भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

10 अगस्त को ऑरेंज अलर्ट का असर

10 अगस्त को कांगड़ा और सिरमौर में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। वहीं ऊना, हमीरपुर, कुल्लू, मंडी और सोलन के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

11 अगस्त को कई जिलों में भारी बारिश

11 अगस्त को कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। इसके अलावा ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, कुल्लू, शिमला और सोलन के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

12 अगस्त को भी कई जिलों में चेतावनी

12 अगस्त के लिए बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर में मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे में अगले कई दिनों तक प्रदेश के लोगों को बारिश और भूस्खलन के खतरे के बीच सावधानी बरतनी होगी।

बंद सड़कों और बाधित सेवाओं से बढ़ी परेशानी

लगातार बारिश के बीच 153 सड़कों का बंद होना प्रदेश के लोगों और यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बना हुआ है। सड़कें बंद होने से कई क्षेत्रों में आवाजाही प्रभावित हुई है। वहीं 92 ट्रांसफार्मर प्रभावित होने से बिजली आपूर्ति पर भी असर पड़ा है।

77 जल आपूर्ति योजनाओं के बाधित होने से कई क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों में मौसम और खराब होने पर प्रशासन के सामने सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सेवाओं को सामान्य बनाए रखने की चुनौती और बढ़ सकती है।

फिलहाल प्रशासन और संबंधित विभाग प्रभावित क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए हैं। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों से नदी-नालों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और खराब सड़क मार्गों पर अनावश्यक जोखिम न लेने की अपील की जा रही है।