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हिमाचल में लू का अलर्ट

➤ हिमाचल के ऊना, बिलासपुर और सोलन में 9-10 जून को लू का अलर्ट

➤ 11 जून से पश्चिमी विक्षोभ के असर से बदलेगा मौसम

➤ गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश की संभावना, लोगों को सतर्क रहने की सलाह


हिमाचल प्रदेश में गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। मैदानी और निचले इलाकों में तापमान तेजी से बढ़ने के कारण लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने राज्य के कई जिलों के लिए महत्वपूर्ण मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग ने ऊना, बिलासपुर और सोलन जिलों में 9 और 10 जून को लू चलने की चेतावनी दी है। मौसम विभाग का कहना है कि इन क्षेत्रों में तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है, जिससे लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

मौसम विभाग के अनुसार, 11 जून से एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिसके प्रभाव से प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। 11 और 12 जून को राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कहीं-कहीं बर्फबारी की भी संभावना व्यक्त की गई है।

प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश दर्ज की गई, लेकिन इससे तापमान में कोई खास राहत नहीं मिली। राज्य के सबसे गर्म स्थान के रूप में ऊना दर्ज किया गया, जहां अधिकतम तापमान 39.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा नेरी में 36.7 डिग्री, बेरठीन में 35.2 डिग्री, मंडी में 34.8 डिग्री और सुंदरनगर में 34.7 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। राजधानी शिमला में अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

न्यूनतम तापमान की बात करें तो ताबो में सबसे कम 5.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। केलांग में 5.7 डिग्री और कुकुमसेरी में 5.6 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ। वहीं पांवटा साहिब में न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहा, जो राज्य में सबसे अधिक रहा।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले तीन से चार दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। इससे लोगों को और अधिक गर्मी महसूस होगी। खासकर ऊना, बिलासपुर और सोलन जैसे जिलों में लू का प्रभाव ज्यादा देखने को मिल सकता है।

मौसम विभाग ने 11 और 12 जून को कई क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना भी जताई है। किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों में भी तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज हवाओं और गरज-चमक के कारण बिजली लाइनों, संचार सेवाओं, कमजोर ढांचों, होर्डिंग्स और अस्थायी छतों को नुकसान पहुंच सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों और मौसम विभाग ने लोगों को लू से बचाव के लिए दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है। विशेष रूप से शिशुओं, बुजुर्गों और पुरानी बीमारियों से ग्रसित लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है।

किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे फसलों को गर्मी के तनाव से बचाने के लिए हल्की और बार-बार सिंचाई करें। मौसम में बदलाव और संभावित बारिश से कुछ क्षेत्रों में किसानों को राहत मिल सकती है, लेकिन तेज हवाओं और आंधी से नुकसान की आशंका को देखते हुए सतर्क रहने की जरूरत होगी।

दक्षिण-पश्चिम मानसून फिलहाल बंगाल की खाड़ी और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ चुका है। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार हिमाचल प्रदेश में मानसून पहुंचने में अभी कुछ समय लगेगा। फिलहाल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम बदलने की उम्मीद है, जिससे भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलने की संभावना बन रही है।