➤ आज रात से प्रदेश में फिर सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ
➤ 17 अप्रैल को कुल्लू, कांगड़ा, मंडी और चंबा में ऑरेंज अलर्ट
➤ 19 अप्रैल के बाद तापमान में फिर बढ़ोतरी के संकेत
हिमाचल प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। आज रात से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसका असर 17 से 19 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में देखने को मिलेगा। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार इस दौरान बारिश, ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी, ओलावृष्टि, तेज हवाएं और बिजली गिरने की संभावना है।
मौसम विभाग ने 17 अप्रैल के लिए कुल्लू, कांगड़ा, मंडी और चंबा जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कुछ रिपोर्ट्स में शिमला जिले के कुछ हिस्सों में भी ओलावृष्टि और गरज-चमक की आशंका जताई गई है।
IMD निदेशक ने क्या कहा
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक शोभित कटियार के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मध्य और ऊंचाई वाले पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश, जबकि अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है। इसके साथ कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि और 30 से 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
मौसम विभाग के मुताबिक इस सिस्टम के असर से तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जाएगी। हालांकि 19 अप्रैल के बाद मौसम साफ होने और तापमान में दोबारा बढ़ोतरी की संभावना है।
कमजोर मानसून का अनुमान
मौसम विभाग ने इस वर्ष मानसून को लेकर भी शुरुआती संकेत दिए हैं। विभाग के अनुसार हिमाचल के अधिकांश जिलों में इस बार सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान है। केवल लाहौल-स्पीति में सामान्य से अधिक वर्षा हो सकती है, जबकि हमीरपुर, किन्नौर और चंबा के कुछ हिस्सों में सामान्य बारिश के आसार हैं। बाकी प्रदेश में मानसून कमजोर रहने की संभावना जताई गई है।
बागवानों की बढ़ी चिंता
इस नए पश्चिमी विक्षोभ ने सेब बागवानों की चिंता फिर बढ़ा दी है। इन दिनों कई ऊंचाई वाले इलाकों में सेब की फ्लावरिंग चल रही है। ऐसे में ओलावृष्टि और तेज हवाएं फूलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं, जिससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है।



