➤ हिमाचल की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी, निचार में ओले
➤ कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान 1.9 डिग्री, बढ़ने लगी ठंड
➤ 13 और 14 अक्तूबर को अंधड़ का येलो अलर्ट, 16 तक मौसम खराब रहने के आसार
हिमाचल प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और कई इलाकों में बारिश के बीच ठंड बढ़ने लगी है। रोहतांग दर्रे के साथ कुंजम, बारालाचा और शिंकुला दर्रे की ऊंची चोटियों पर बर्फ के फाहे गिरे हैं, जबकि किन्नौर जिले के निचार क्षेत्र के काचरंग में ओलावृष्टि दर्ज की गई। जनजातीय क्षेत्रों में रात के तापमान में गिरावट के कारण ठंड का असर बढ़ने लगा है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 13 और 14 अक्तूबर को प्रदेश के कुछ स्थानों पर अंधड़ चलने का येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 16 अक्तूबर तक प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम खराब रह सकता है। ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
रोहतांग समेत ऊंची चोटियों पर बर्फबारी
मनाली सहित ऊझी घाटी में शनिवार दोपहर बाद बारिश हुई। वहीं, अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम ने बर्फबारी का रूप ले लिया। रोहतांग दर्रे, कुंजम दर्रे, बारालाचा और शिंकुला दर्रे सहित आसपास की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी दर्ज की गई। इन क्षेत्रों में शुक्रवार रात को भी बर्फ के फाहे गिरे थे। लगातार बदलते मौसम के कारण ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड बढ़ने लगी है।
दूसरी ओर, राजधानी शिमला सहित प्रदेश के कई हिस्सों में शनिवार को हल्के बादल छाए रहे। बीच-बीच में धूप भी खिली, लेकिन जनजातीय और अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रात का तापमान गिरने से सर्दी का असर महसूस होने लगा है। मौसम के इस बदलाव से साफ है कि प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड का दौर तेज होने लगा है।
13 और 14 अक्तूबर को अंधड़ का येलो अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में 16 अक्तूबर तक कई स्थानों पर मौसम खराब रहने की संभावना है। इस दौरान ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी, जबकि मैदानी और मध्य पर्वतीय इलाकों में बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने 13 और 14 अक्तूबर को कुछ स्थानों पर अंधड़ चलने का येलो अलर्ट जारी किया है। इन दिनों कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने की भी संभावना जताई गई है।
सप्ताह के शेष दिनों में भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल छाए रहने और मौसम खराब होने के आसार हैं। मौसम में यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण देखने को मिल रहा है। बारिश और बर्फबारी के बीच प्रदेश के अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है। इससे दिन के तापमान में भी कमी आई है और कई क्षेत्रों में मौसम पहले के मुकाबले ठंडा हो गया है।
कुकुमसेरी में 1.9 डिग्री पहुंचा न्यूनतम तापमान
प्रदेश के जनजातीय और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रातें लगातार ठंडी होने लगी हैं। कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान गिरकर 1.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, केलांग में न्यूनतम तापमान 4.1 डिग्री सेल्सियस रहा। इन आंकड़ों से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बढ़ती ठंड का अंदाजा लगाया जा सकता है।
प्रदेश के अन्य प्रमुख स्थानों के न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल्पा में 6.8 डिग्री सेल्सियस, कुफरी में 7.8 डिग्री, मनाली में 9.4 डिग्री और शिमला में 12.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। अलग-अलग क्षेत्रों में तापमान में अंतर के बावजूद ऊंचाई वाले इलाकों में सर्दी का असर अधिक महसूस किया जा रहा है।
बारिश, बर्फबारी और अंधड़ के दौरान क्या सावधानी बरतें?
मौसम में तेजी से हो रहे बदलाव को देखते हुए पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और पर्यटकों को सतर्क रहने की जरूरत है। ऊंचे दर्रों और पहाड़ी मार्गों पर जाने से पहले मौसम विभाग का ताजा पूर्वानुमान और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी यात्रा संबंधी निर्देश जरूर देख लें। बारिश और बर्फबारी के दौरान सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं। ऐसे में वाहन चलाते समय गति नियंत्रित रखें और पर्याप्त दूरी बनाकर चलें।
अंधड़ की आशंका के दौरान खुले स्थानों, कमजोर पेड़ों, बिजली के खंभों और अस्थायी ढांचों से दूर रहना बेहतर है। खराब मौसम में अनावश्यक रूप से ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों और खुले स्थानों पर जाने से बचें। पर्यटकों को विशेष रूप से रोहतांग, बारालाचा, कुंजम और शिंकुला जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों की यात्रा से पहले सड़क की स्थिति और प्रशासन की अनुमति की जानकारी लेनी चाहिए।
बदलते तापमान के बीच बुजुर्गों, बच्चों और पहले से स्वास्थ्य संबंधी परेशानी झेल रहे लोगों को ठंड से बचाव पर ध्यान देना चाहिए। गर्म कपड़े पहनें, शरीर को सूखा रखें और मौसम के अनुसार दिनचर्या में बदलाव करें। यदि मौसम विभाग या स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई चेतावनी जारी की जाती है, तो उसका पालन करें।
कुल मिलाकर, हिमाचल प्रदेश में बारिश और बर्फबारी के कारण मौसम का मिजाज बदल गया है। ऊंची चोटियों पर बर्फबारी, निचार में ओलावृष्टि और कुकुमसेरी में 1.9 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के बीच ठंड बढ़ने लगी है। आने वाले दिनों में अंधड़, बारिश और बर्फबारी की संभावना को देखते हुए लोगों को मौसम पर नजर रखने और सावधानी बरतने की जरूरत है।



