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हिमकेयर योजना पर सुक्खू-जयराम में नोकझोंक, CM बोले-100 करोड़ का घोटाला, दोषियों होंगे सलाखों के पीछे

हिमकेयर योजना पर विधानसभा में जोरदार हंगामा, सुक्खू-जयराम आमने-सामने
CM ने 100 करोड़ से ज्यादा घोटाले का दावा, विपक्ष ने जांच पर उठाए सवाल
हाईकोर्ट जज से जांच की मांग, सदन में तीखी नोकझोंक



हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में आज हिमकेयर योजना को लेकर जोरदार हंगामा देखने को मिला। सदन में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के बीच कई बार तीखी नोकझोंक हुई, जिससे माहौल पूरी तरह गर्म हो गया।

बहस के दौरान मुख्यमंत्री सुक्खू ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि हिमकेयर योजना में 100 से 110 करोड़ रुपए तक का संभावित घोटाला सामने आया है। उन्होंने बताया कि ऑडिट की इंटरनल रिपोर्ट में कई अनियमितताएं उजागर हुई हैं और सरकार इस पूरे मामले की जांच कर रही है। उन्होंने यह भी साफ कहा कि पूर्व सरकार के समय हुए सभी घोटालों की जांच कराई जाएगी और दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा

सीएम ने अपने बयान में यह भी कहा कि योजना में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां गड़बड़ी और फर्जी क्लेम किए गए। इसी को लेकर उन्होंने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि “ऐसे केस भी सामने आए, जहां पुरुषों के बच्चेदानी के ऑपरेशन तक दिखाए गए”, जिससे सदन में हंगामा और बढ़ गया।

वहीं, जयराम ठाकुर ने सरकार के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पलटवार किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के समय हिमकेयर योजना के तहत प्रति मरीज औसतन 11 हजार रुपए खर्च होता था, जबकि वर्तमान सरकार में यह बढ़कर 14 हजार रुपए हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर योजना को बदनाम कर उसे बंद करने की कोशिश कर रही है।

नेता प्रतिपक्ष ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए हाईकोर्ट के सिटिंग जज से जांच कराने की मांग की। उन्होंने सवाल उठाया कि जब जांच पूरी नहीं हुई है, तो मुख्यमंत्री पहले ही घोटाले का निष्कर्ष कैसे निकाल सकते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सदन के अंदर और बाहर भ्रामक बयान दे रहे हैं।

इसी दौरान प्रश्नकाल में अन्य मुद्दे भी उठे। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर केंद्र सरकार की योजना के तहत लगाए जा रहे हैं और उपभोक्ता अधिक बिल की शिकायत संबंधित विभाग में कर सकते हैं। वहीं, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने निजी स्कूलों की मनमानी फीस पर लगाम लगाने के लिए एक्ट में संशोधन की बात कही।

अब सदन में कटौती प्रस्तावों पर चर्चा होगी, जहां विपक्ष सरकार को घेरने की रणनीति पर काम करेगा। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी टकराव और तेज होने की संभावना है।