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3 मार्च से 10वीं-12वीं की बोर्ड परीक्षाएं, सात स्तर की निगरानी लागू
प्रदेशभर में 2,384 केंद्रों पर करीब दो लाख परीक्षार्थी होंगे शामिल
HPU की बीएड परीक्षा भी शुरू, 10,043 छात्र-छात्राएं देंगे पेपर


हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की 10वीं और 12वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाएं 3 मार्च से शुरू हो रही हैं। बोर्ड प्रबंधन ने परीक्षा संचालन को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस बार नकल पर लगाम कसने के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। परीक्षाएं सात स्तर की कड़ी निगरानी में आयोजित की जाएंगी, ताकि किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

प्रदेशभर में करीब दो लाख नियमित और एसओएस श्रेणी के परीक्षार्थी परीक्षा में बैठेंगे। इसके लिए 2,384 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। परीक्षाएं सुबह 9:45 बजे से शुरू होंगी। बोर्ड मुख्यालय से सभी केंद्रों की ऑनलाइन निगरानी की जाएगी। इसके लिए विशेष मॉनीटरिंग कक्ष तैयार किया गया है, जहां एलईडी स्क्रीन के माध्यम से हर परीक्षा केंद्र पर नजर रखी जाएगी।

हर परीक्षा केंद्र में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से सक्रिय रहेंगे। केंद्र अधीक्षक और उप-अधीक्षक परीक्षा हॉल में लगातार निगरानी करेंगे। बोर्ड की ओर से विशेष उड़नदस्तों का गठन किया गया है, जो औचक निरीक्षण करेंगे। इसके अलावा शिक्षा विभाग के अधिकारी, एसडीएम और उपनिदेशक स्तर तक के अधिकारी भी फ्लाइंग स्क्वायड के माध्यम से परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करेंगे।

बोर्ड के सचिव डॉ. मेजर विशाल शर्मा ने स्पष्ट कहा है कि नकल के मामलों को लेकर बोर्ड पूरी तरह सख्त है। पुख्ता रणनीति के तहत व्यापक मॉनीटरिंग व्यवस्था की गई है, ताकि परीक्षाएं पारदर्शी और निष्पक्ष ढंग से संपन्न हों।

उधर, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की बीएड परीक्षाएं भी सोमवार से शुरू हो रही हैं। इस बार 10,043 छात्र-छात्राएं प्रदेशभर में बनाए गए 52 परीक्षा केंद्रों में परीक्षा देंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा को नकलमुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए 112 फ्लाइंग स्क्वाड तैनात किए हैं।

विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि परीक्षार्थियों की उपस्थिति उसी पाली में दर्ज की जाएगी, जिसमें उन्हें प्रवेश पत्र के अनुसार बैठाया गया है। पाली परिवर्तन की अनुमति नहीं दी जाएगी। परीक्षा शुरू होने के बाद अधिकतम 15 मिनट तक ही प्रवेश की अनुमति होगी, इसके बाद किसी को भी परीक्षा कक्ष में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

प्रशासन ने सभी केंद्र अधीक्षकों को समय सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। परीक्षार्थियों के लिए पहचान पत्र और प्रवेश पत्र साथ लाना अनिवार्य किया गया है। बिना प्रवेश पत्र के किसी भी छात्र को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं होगी।

नियंत्रक परीक्षा श्याम लाल कौशल ने विद्यार्थियों से अपील की है कि वे परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से कम से कम आधा घंटा पहले पहुंचें, ताकि जांच और उपस्थिति की प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके। प्रशासन ने शांतिपूर्ण और अनुशासित वातावरण में परीक्षाएं संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए हैं।