➤ एचपीएसईबीएल में 1,602 बिजली उपभोक्ता मित्र और 1,000 टी-मेट की नियुक्ति को मंजूरी
➤ फील्ड स्टाफ की भारी कमी को दूर कर उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति का लक्ष्य
➤ स्थानीय युवाओं को रोजगार और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं सुनिश्चित करने का वादा
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड (एचपीएसईबीएल) में 1,602 बिजली उपभोक्ता मित्रों और 1,000 टी-मेट की नियुक्ति को मंजूरी दी है। दशकों बाद किसी सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी में इतनी बड़ी भर्ती की जा रही है, जो न केवल बिजली सेवाओं को मजबूत करेगी बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी खोलेगी।
एक सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, यह निर्णय फील्ड स्टाफ की कमी को दूर करने और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। वर्तमान में टी-मेट के 4,009 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 3,049 खाली पड़े हैं। इस कमी के कारण कई बार संचालन में बाधा और सेवाओं की गुणवत्ता प्रभावित हो रही थी। अब सरकार ने निर्णय लिया है कि टी-मेट के 1,000 पद सीधे भरे जाएंगे, जबकि शेष आवश्यकता को पूरा करने के लिए 1,602 बिजली उपभोक्ता मित्र की नियुक्ति की जाएगी।
बिजली उपभोक्ता मित्रों की भर्ती अधिकृत सरकारी एजेंसी द्वारा की जाएगी। इसके लिए उम्मीदवार का दसवीं पास होना और किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से इलेक्ट्रिकल/वायरमैन ट्रेड में आईटीआई प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। आयु सीमा 18 से 30 वर्ष रखी गई है।
सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि फील्ड कर्मचारी एचपीएसईबीएल की रीढ़ हैं, जो आपदाओं में बिजली बहाल करने, क्षतिग्रस्त ढांचे की मरम्मत करने और कुशल सेवाएं सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। सरकार का मानना है कि कार्यबल को मजबूत करने से न केवल उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा बल्कि ग्रामीण व शहरी दोनों क्षेत्रों में बेहतर बिजली सेवाएं उपलब्ध होंगी।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल के दौरान अब तक 23,191 युवाओं को सरकारी क्षेत्र में रोजगार प्रदान किया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आगे आने वाले समय में राज्य सरकार रोजगार और स्वरोजगार दोनों के लिए और अधिक अवसर सृजित करेगी। यह कदम सरकार की युवा हितैषी नीति और सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।



