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IGMC में डॉक्टर की बर्खास्ती पर बवाल, रेजिडेंट डॉक्टर सामूहिक अवकाश पर, मरीज बेहाल

➤ IGMC में मारपीट मामले में डॉक्टर की बर्खास्ती से भड़के रेजिडेंट डॉक्टर
➤ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने सामूहिक अवकाश लेकर सीएम से की मुलाकात
➤ डॉक्टरों की हड़ताल से OPD ठप, मरीजों को भारी परेशानी


शिमला के आईजीएमसी अस्पताल में मरीज से हुई मारपीट के मामले ने अब गंभीर मोड़ ले लिया है। प्रदेश सरकार द्वारा आरोपी डॉक्टर राघव को बर्खास्त किए जाने के फैसले के विरोध में रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन खुलकर सामने आ गई है। इसी के चलते शुक्रवार को रेजिडेंट डॉक्टरों ने सामूहिक अवकाश ले लिया, जिससे अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं।

रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार सुबह मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए उनके सरकारी आवास ओक ओवर पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के समक्ष डॉक्टर राघव का टर्मिनेशन वापस लेने, घटना वाले दिन अस्पताल परिसर में हुई तोड़फोड़, डॉक्टरों को डराने-धमकाने वालों पर सख्त कार्रवाई और अस्पतालों में डॉक्टरों की सुरक्षा बढ़ाने की मांग रखी।

रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सोहेल शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री ने उनकी सभी मांगों को गंभीरता से सुना है और पूरे मामले में दोबारा जांच का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल सभी रेजिडेंट डॉक्टर एक दिन के सामूहिक अवकाश पर हैं और शाम को जनरल हाउस मीटिंग बुलाई गई है, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।

वहीं दूसरी ओर डॉक्टरों के सामूहिक अवकाश का सीधा असर मरीजों पर पड़ रहा है। आईजीएमसी अस्पताल में आज करीब 450 रेजिडेंट डॉक्टर एक साथ छुट्टी पर हैं, जबकि लगभग 50 प्रतिशत डॉक्टर पहले से ही 22 दिसंबर से अवकाश पर चल रहे हैं। इसके चलते OPD सेवाएं लगभग ठप हो गई हैं और मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।

अस्पताल पहुंचे मरीजों का कहना है कि डॉक्टरों और प्रशासन के बीच चल रही लड़ाई का खामियाजा आम मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। कई मरीज बिना जांच कराए ही लौटने को मजबूर हो रहे हैं, जिससे अस्पताल प्रशासन पर भी दबाव बढ़ता जा रहा है