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➤ दिल्ली पुलिस प्रकरण में हिमाचल पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल
➤ AI समिट प्रदर्शनकारियों को हिमाचल में छुपाने का आरोप, जांच की मांग
शिमला में एआई समिट से जुड़े प्रदर्शन और उसके बाद दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर सियासत तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को राज्यपाल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। भाजपा ने इस पूरे घटनाक्रम में हिमाचल पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि एआई समिट में प्रदर्शन करने वाले युवकों को हिमाचल प्रदेश में शरण दी गई और उन्हें यहां छुपाने का प्रयास किया गया। पार्टी नेताओं का कहना है कि जब दिल्ली पुलिस आरोपियों की तलाश में हिमाचल पहुंची तो जिस तरह की परिस्थितियां बनीं, उसने कई संदेह पैदा किए हैं। भाजपा ने कहा कि यदि आरोपित व्यक्ति हिमाचल में मौजूद थे तो स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी कैसे नहीं थी, या यदि थी तो कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के दौरान जिस प्रकार का विवाद सामने आया और बाद में ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया अपनाई गई, वह पूरे घटनाक्रम को संदिग्ध बनाता है। भाजपा नेताओं ने राज्यपाल से आग्रह किया कि मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके और कानून-व्यवस्था पर किसी प्रकार का प्रश्नचिह्न न लगे।
भाजपा ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार राजनीतिक दबाव में काम कर रही है और विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यदि कानून के तहत कार्रवाई होनी थी तो उसमें पारदर्शिता और समन्वय दिखाई देना चाहिए था।
नेताओं ने कहा कि यह मामला केवल एक गिरफ्तारी का नहीं बल्कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था और अंतरराज्यीय समन्वय से जुड़ा गंभीर विषय है। इसलिए इसकी गहन जांच आवश्यक है।



