➤ जयराम ठाकुर का सुक्खू सरकार पर बड़ा हमला, कहा—विदाई की शहनाई बज चुकी
➤ आर्थिक बदहाली और जनविरोधी नीतियों को लेकर कांग्रेस सरकार पर निशाना
➤ कहा—जनता आगामी चुनाव में देगी जवाब, गारंटियां पूरी न होने का आरोप
सिरमौर। हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सिरमौर दौरे के दौरान प्रदेश की कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर तीखा हमला बोला। सराहां और पांवटा साहिब में आयोजित कार्यक्रमों में कार्यकर्ताओं और जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में सुक्खू सरकार की विदाई की शहनाई बज चुकी है और जनता अब बदलाव के मूड में है।

उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार जनहित के कार्य करने के बजाय पूर्ववर्ती सरकार द्वारा खोले गए संस्थानों को बंद करने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जनविरोधी नीतियों के कारण लोगों में असंतोष बढ़ रहा है और इसका असर आगामी चुनाव में देखने को मिलेगा।

जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री पर झूठ की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान सभी गारंटियां पूरी करने के दावे वास्तविकता से कोसों दूर हैं। उन्होंने दावा किया कि अभी तक एक भी गारंटी पूरी नहीं हुई है और कांग्रेस केवल चुनाव जीतने के लिए वादों का सहारा लेती है।
प्रदेश की आर्थिक स्थिति को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरा और कहा कि वित्तीय कुप्रबंधन के कारण हालात बिगड़ गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन और भत्ते समय पर नहीं मिल पा रहे, जो एक तरह से वित्तीय संकट की स्थिति को दर्शाता है। साथ ही उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दोष मढ़ रही है।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार द्वारा संस्थानों को बंद करने की नीति से खुद कांग्रेस के विधायक भी असहज हैं और मुख्यमंत्री को अपने क्षेत्रों में बुलाने से कतराते हैं।
कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि पुलिस और प्रशासन की ऊर्जा छोटे-छोटे मामलों में व्यर्थ की जा रही है, जबकि बड़े मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता अब इस सरकार से निराश हो चुकी है और आने वाले चुनाव में कांग्रेस को सबक सिखाने के लिए तैयार है।
अपने दौरे के दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं से भी संवाद किया तथा उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश में राजनीतिक बदलाव निश्चित है और कांग्रेस की हार तय है।