➤ त्योहारों के बीच पेंशनर्स का सड़कों पर उतरना सरकार की नाकामी : जयराम ठाकुर
➤ नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर संवेदनहीनता और कानून व्यवस्था ध्वस्त होने के लगाए आरोप
➤ धनतेरस पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं, बद्दी गोलीकांड पर जताया दुख
शिमला : नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि जब पूरा देश धनतेरस और दिवाली का उत्सव मना रहा है, उस समय हिमाचल प्रदेश के पेंशनर्स अपने हकों की लड़ाई के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की संवेदनहीनता इस बात से झलकती है कि उम्र के इस पड़ाव पर भी रिटायर्ड अधिकारी और कर्मचारी अपने मेडिकल बिलों और वित्तीय लाभों के लिए धरने दे रहे हैं।
जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार हर मोर्चे पर नाकाम रही है। मुख्यमंत्री अपने मंत्रियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाकर अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि जनता और पेंशनर्स की समस्याएं जस की तस हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की आपसी खींचतान और आरोप-प्रत्यारोप से किसी की समस्या का समाधान नहीं होगा। जनता अब सरकार की तथ्यहीन विज्ञापनबाजी से ऊब चुकी है।
उन्होंने कहा कि आपदा से हुए नुकसान की भरपाई आज तक नहीं हो पाई है। न सड़कों की मरम्मत हुई, न प्रभावितों को मुआवजा मिला। सर्दियां दस्तक दे चुकी हैं, लेकिन सरकार के वादे अब भी अधूरे हैं।
जयराम ठाकुर ने कहा कि पेंशनर्स की हालत बेहद चिंताजनक है। तीन साल बीतने के बाद भी उनके मेडिकल बिलों का भुगतान नहीं हुआ है। इस उम्र में इलाज का खर्च बढ़ जाता है, और सरकार द्वारा दवाओं के लिए भी उन्हें तरसाना अमानवीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिम केयर योजना का पैसा रोककर सरकार ने आम जनता से संविधान प्रदत्त जीवन का अधिकार छीन लिया है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री ने संवेदनहीनता के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सरकार को चाहिए कि वह पेंशनर्स की समस्याओं का तुरंत समाधान करे और उनके साथ न्याय करे।
उन्होंने धनतेरस के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और कहा कि भगवान धन्वंतरि और माता लक्ष्मी की कृपा सभी पर बनी रहे। उन्होंने प्रदेश की समृद्धि और आपदा से मुक्ति की प्रार्थना भी की।
वहीं, बद्दी गोलीकांड की घटना पर भी उन्होंने गहरी चिंता जताई और कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है। दबंग खुलेआम घूम रहे हैं और पुलिस सत्ता के दबाव में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि अपराध पर रोक लगाने के लिए सरकार को प्रभावी कदम उठाने चाहिए ताकि हर हिमाचली सुरक्षित महसूस कर सके।



