➤ जुब्बल उपमंडल की मांदल पंचायत में कार्रवाई पर हंगामा
➤ सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना का आरोप
➤ विरोध के बाद विभाग ने रोकी कार्रवाई
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिला के जुब्बल उपमंडल की मांदल पंचायत (जखोढ़ गांव, रामनगरी चक) में की जा रही बेदखली कार्रवाई का हिमाचल सेब उत्पादक संघ ने कड़ा विरोध किया है। संघ का आरोप है कि यह कार्रवाई माननीय Supreme Court of India द्वारा 16 दिसंबर 2025 को पारित आदेशों की अवहेलना है।
इस विरोध में संघ की जिला शिमला, जुब्बल और रोहड़ू इकाई के प्रतिनिधि रमन थारटा, संजय कुमार, जय सिंह और नरेश कुमार सहित स्थानीय लोग शामिल हुए। लोगों के विरोध के बाद वन व राजस्व विभाग को कार्रवाई रोकनी पड़ी और अधिकारी पुलिस बल सहित वापस लौट गए।
नोटिस प्रक्रिया पर सवाल
संघ का कहना है कि प्रभावित परिवारों को 18 फरवरी को केवल व्हाट्सएप के माध्यम से नोटिस भेजा गया और मात्र तीन दिन बाद 21 फरवरी को बेदखली की कार्रवाई शुरू कर दी गई। नोटिस में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि कार्रवाई किस कानून की किस धारा के तहत की जा रही है।
मौके पर मौजूद ग्रामीणों और संघ पदाधिकारियों द्वारा जब अधिकारियों से कानूनी आधार पूछा गया तो संतोषजनक उत्तर नहीं मिला।
वन अधिकार अधिनियम का उल्लंघन
संघ ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई Forest Rights Act, 2006 की भावना के विपरीत है और हाल ही में सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रदेश सरकार को नीति निर्माण संबंधी दिए गए निर्देशों को भी दरकिनार करती है।
संघ का कहना है कि जब तक सरकार स्पष्ट नीति नहीं बनाती, तब तक इस प्रकार की त्वरित बेदखली न्यायसंगत नहीं मानी जा सकती।
सम्मेलन में शामिल होने की अपील
हिमाचल सेब उत्पादक संघ ने आम लोगों से 24 फरवरी 2025 को हटकोटी, जुब्बल में आयोजित होने वाले सम्मेलन में शामिल होने की अपील की है, ताकि अधिकारों की रक्षा और न्यायसंगत नीति निर्माण के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाई जा सके।



