इतिहास प्रेमियों के लिए आकर्षण बना कांगड़ा कला संग्रहालय, आगुंतकों की संख्या में वृद्धि

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  • कांगड़ा कला संग्रहालय में आगुंतकों की संख्या एक दशक बाद बढ़ी

  • पिछले वर्ष 29,919 आगुंतकों ने किया भ्रमण, इस वर्ष ढाई माह में 5,500 से अधिक

  • पुराने हथियारों के प्रदर्शन के लिए नई व्यवस्था जल्द होगी तैयार


Kangra Art Museum: कांगड़ा कला संग्रहालय में ऐतिहासिक कृतियों को देखने वाले आगुंतकों की संख्या एक दशक बाद फिर से बढ़ी है। पिछले वर्ष 29,919 भारतीय और विदेशी आगुंतकों ने यहां का दौरा किया, जो कि 2019 के बाद पहली बार 20,000 से अधिक पहुंचा। इस वर्ष जनवरी से अब तक 5,500 से अधिक आगुंतक संग्रहालय का भ्रमण कर चुके हैं, जिससे उम्मीद जताई जा रही है कि यह संख्या इस बार पिछले वर्ष के आंकड़े को पीछे छोड़ सकती है।

आगुंतकों में कांगड़ा और तिब्बती थंग्का पेंटिंग्स की लोकप्रियता बनी हुई है। संग्रहालय प्रशासन ने जानकारी दी कि यहां आने वाले लोग सदियों पुराने हथियारों को देखने की मांग कर रहे हैं। इसे ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त व्यवस्था की जा रही है, ताकि जल्द ही पुराने हथियारों और अन्य ऐतिहासिक कृतियों को प्रदर्शित किया जा सके।

आगुंतकों के आंकड़े (पिछले 10 वर्ष)

वर्ष भारतीय विदेशी बच्चे कुल आगुंतक
2014-15 9167 965 3651 13783
2015-16 10036 719 846 11601
2016-17 11940 939 730 13609
2017-18 12006 841 1810 14657
2018-19 12837 726 3529 17092
2019-20 16510 606 3464 20580
2020-21 490 20 46 565
2021-22 12047 23 478 12548
2022-23 16276 193 167 16636
2023-24 20282 693 466 21441

आगुंतकों की राय

आरती जोशी (नोएडा) ने कहा, “संग्रहालय में कांगड़ा और तिब्बती थंग्का पेंटिंग्स अद्भुत हैं। बच्चों को इतिहास की जानकारी मिलती है।”
उमेश जोशी ने कहा, “यहां सदियों पुरानी कृतियां देखने को मिलती हैं। प्राकृतिक रंगों से बनी चित्रकला आज की पीढ़ी के लिए एक नया अनुभव है।”