➤ कांगड़ा जिले की मिठाई दुकानों में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई, 65 किलो मिठाई नष्ट
➤ रसगुल्ले और चमचम में मिले मरे हुए रंगड़, कलाकंद सहित कई मिठाइयों में फंगस
➤ नूरपुर, जसूर, रेहन और फतेहपुर में 19 सैंपल भरे, जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जाएंगे
धर्मशाला। त्योहारों के सीजन में मिठाइयों की बढ़ती मांग के बीच खाद्य सुरक्षा विभाग ने कांगड़ा जिले के चार क्षेत्रों में मिठाई की दुकानों का निरीक्षण किया। जांच में दुकानों पर रखे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। रसगुल्ले और चमचम में मरे हुए रंगड़ मिले, जबकि कई मिठाइयों में फंगस पाई गई। विभाग ने कार्रवाई करते हुए करीब 65 किलोग्राम मिठाई मौके पर ही नष्ट करवा दी।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शनिवार को नूरपुर, जसूर, रेहन और फतेहपुर में मिठाई की दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, भंडारण और दुकानों में साफ-सफाई की व्यवस्था की जांच की गई। निरीक्षण के दौरान नूरपुर और रेहन में रसगुल्ले और चमचम में मरे हुए रंगड़ पाए गए।
इसके अलावा कलाकंद, रसगुल्ला, बेसन, मिल्क केक, पिस्ता और चमचम में फंगस मिलने की जानकारी सामने आई। विभाग ने ऐसी मिठाइयों को बिक्री से हटवाकर नष्ट करवाया। साथ ही दुकानदारों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की चेतावनी भी दी गई।
अभियान के दौरान टीम ने अलग-अलग खाद्य पदार्थों के कुल 19 नमूने भरे। इनमें बर्फी, पनीर, बेसन, आटा लड्डू, पंजेरी लड्डू, सूखा पेठा, सोन पापड़ी, चमचम, कलाकंद, मिल्क केक, मीठा बूर और नारियल बर्फी सहित अन्य खाद्य पदार्थ शामिल हैं। इन नमूनों को गुणवत्ता की जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। रिपोर्ट में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने के कारण दुकानदारों की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है और मिठाइयों की गुणवत्ता व साफ-सफाई में लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की जाएगी।
धर्मशाला और कांगड़ा के उपभोक्ताओं के लिए जरूरी सुझाव
त्योहारों में मिठाई खरीदते समय दुकान की साफ-सफाई, मिठाई की ताजगी और रखरखाव जरूर देखें। मिठाई पर फफूंद, अजीब गंध, चिपचिपापन या कीड़े-मक्खियां दिखें तो उसे न खरीदें। दूध और खोए से बनी मिठाइयां जल्दी खराब होती हैं, इसलिए इन्हें खरीदने के बाद जल्द खाएं और घर में फ्रिज में रखें। खुले में रखी और मक्खियों से घिरी मिठाइयों से बचें।
खराब या फफूंदयुक्त मिठाई खाने से पेट दर्द, उल्टी, दस्त और फूड पॉइजनिंग हो सकती है। बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को इससे ज्यादा खतरा रहता है। मिठाई खाने के बाद लगातार उल्टी-दस्त, तेज पेट दर्द या बुखार हो तो देर न करें और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल जाएं।
उपभोक्ता दुकानदार से FSSAI लाइसेंस या पंजीकरण दिखाने को कह सकते हैं और बिल जरूर लें। मिलावट या गंदगी की शिकायत खाद्य सुरक्षा विभाग के जिला कार्यालय या FSSAI की आधिकारिक शिकायत सुविधा पर की जा सकती है। दुकानदारों को भी चाहिए कि मिठाइयों को ढककर और साफ-सुथरे ढंग से रखें और बासी माल की बिक्री बिल्कुल न करें।



