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शिमला में रात 8:04 बजे होंगे चंद्रमा के दर्शन, कल्पा में सबसे पहले और चंबा में सबसे देर से निकलेगा चांद, जानें जिलावार कब दिखेगा चांद

➤ हिमाचल में करवा चौथ पर 29 अक्तूबर को रात 7:59 से 8:10 बजे के बीच होंगे चांद के दर्शन
➤ कल्पा में सबसे पहले रात 7:59 बजे और चंबा में सबसे देर से रात 8:10 बजे निकलेगा चांद, शिमला में 8:04 बजे
➤ बारिश-बर्फबारी के पूर्वानुमान के बीच चांद के दीदार में परेशानी की आशंका, सभी के लिए रहेगा अवकाश


शिमला। करवा चौथ पर हिमाचल प्रदेश में व्रती महिलाओं को चांद का बेसब्री से इंतजार रहेगा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की ओर से जारी चंद्रोदय समय के चार्ट के अनुसार 29 अक्तूबर को प्रदेश के प्रमुख शहरों में रात 7:59 बजे से 8:10 बजे के बीच चंद्रमा के दर्शन होंगे। किन्नौर जिले के कल्पा में सबसे पहले रात 7:59 बजे चांद निकलेगा, जबकि चंबा में रात 8:10 बजे चंद्रोदय का समय दिया गया है। राजधानी शिमला में रात 8:04 बजे चंद्रमा दिखाई देने का अनुमान है।

मौसम विज्ञान विभाग के चार्ट के मुताबिक कल्पा के बाद भुंतर और केलांग में रात 8:02 बजे चांद नजर आएगा। इसके बाद शिमला में रात 8:04 बजे और सोलन व नाहन में रात 8:05 बजे चंद्रमा के दर्शन होंगे। सुंदरनगर में रात 8:06 बजे चांद निकलेगा। ऊना और बिलासपुर में चंद्रोदय का समय रात 8:07 बजे तय किया गया है, जबकि धर्मशाला और हमीरपुर में रात 8:08 बजे चांद दिखाई देगा। सबसे आखिर में चंबा में रात 8:10 बजे चंद्रमा के दर्शन होंगे। इस तरह प्रदेश के सबसे पहले और सबसे देर से चांद दिखने वाले शहर के बीच 11 मिनट का अंतर रहेगा।

व्रती महिलाओं के लिए यह समय इसलिए अहम है कि करवा चौथ का व्रत चंद्रमा के दर्शन और अर्घ्य के बाद ही खोला जाता है। इस दिन विवाहित महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए दिनभर उपवास रखती हैं। व्रत की शुरुआत सूर्योदय से पहले सरगी ग्रहण करने के साथ होती है। इसके बाद महिलाएं पूरे दिन अन्न-जल का त्याग कर शाम को पूजा करती हैं। शाम को करवा चौथ की कथा सुनने और करवे की पूजा की परंपरा है। रात को चांद देखने के बाद पूजा कर चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है और फिर व्रत खोला जाता है। हिमाचल प्रदेश में यह त्योहार विशेष रूप से मनाया जाता है और महिलाएं इसकी तैयारियां कई दिन पहले से शुरू कर देती हैं।

त्योहार को लेकर प्रदेशभर में महिलाओं में खासा उत्साह है। पर्व से एक दिन पहले बुधवार को बाजारों में खरीदारी के लिए महिलाओं की भीड़ उमड़ी। महिलाओं ने करवे, पूजा सामग्री, कपड़े, आभूषण और शृंगार का सामान खरीदा। ब्यूटी पार्लरों में भी महिलाओं की चहल-पहल रही। त्योहार से पहले बाजारों में रौनक देखने को मिली, जिससे दुकानदारों के चेहरे भी खिले नजर आए।

इस बार करवा चौथ पर मौसम को लेकर भी चर्चा है। प्रदेश में देर रात से वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होने का पूर्वानुमान है, जिसके प्रभाव से 29 और 30 अक्तूबर को ज्यादातर क्षेत्रों में बारिश की संभावना जताई गई है। इस दौरान लाहौल-स्पीति, किन्नौर और चंबा जिलों की ऊंची चोटियों पर हल्का हिमपात हो सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र ने 29 अक्तूबर को कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में कुछ स्थानों पर आंधी-तूफान का यलो अलर्ट जारी किया है। ऐसे में बादल छाने की स्थिति में कई जगह चांद के दीदार में परेशानी आ सकती है। खास बात यह है कि चंद्रोदय चार्ट में सबसे पहले चांद निकलने वाला कल्पा किन्नौर में है और सबसे देर से निकलने वाला चंबा भी उन्हीं जिलों में शामिल है, जहां हिमपात की संभावना जताई गई है।

पड़ोसी राजधानी दिल्ली में करवा चौथ पर चंद्रमा के रात करीब 8 बजकर 17 मिनट पर निकलने का अनुमान है। वहां भी मौसम में बदलाव के चलते चांद के देर से दिखने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में हिमाचल की महिलाओं को भी मौसम पर नजर रखने की जरूरत है। चंद्रोदय का समय अलग-अलग स्थान पर कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है, इसलिए व्रत खोलने से पहले अपने क्षेत्र में चांद दिखाई देने की पुष्टि जरूर कर लें।

इसी बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने करवा चौथ के अवसर पर सभी के लिए अवकाश का फैसला लिया है। अब तक इस त्योहार पर केवल महिला कर्मचारियों को छुट्टी मिलती थी, लेकिन इस बार 29 अक्तूबर को प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे। साथ ही सरकारी और गैर-सरकारी स्कूलों तथा कॉलेजों में भी अवकाश रहेगा। इस फैसले से पति-पत्नी दोनों को त्योहार एक साथ मनाने का अवसर मिलेगा। सुक्खू सरकार इससे पहले रक्षाबंधन पर भी पुरुषों को छुट्टी देने का फैसला ले चुकी है।