➤ खराब मौसम के चलते किन्नौर कैलाश यात्रा रोकी गई, बेस कैंप पर रुके श्रद्धालु
➤ तंगलिंग और गणेश बाग में श्रद्धालुओं को रोका, प्रशासन की सुरक्षा पर नजर
➤ मौसम साफ रहा तो शनिवार को 375 श्रद्धालु कर सकेंगे किन्नौर कैलाश यात्रा
रामपुर बुशहर। हिमाचल प्रदेश में लगातार बिगड़े मौसम का असर अब किन्नौर कैलाश यात्रा पर भी पड़ा है। किन्नौर जिले में पिछले दो दिनों से हो रही भारी बारिश और खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने शुक्रवार को यात्रा रोक दी। यात्रा के लिए तंगलिंग बेस कैंप पहुंचे श्रद्धालुओं को सुबह आगे जाने की अनुमति नहीं दी गई। वहीं, इससे एक दिन पहले गणेश बाग बेस कैंप पहुंच चुके श्रद्धालुओं को भी वहीं रोककर रखा गया है।
प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। यात्रा मार्ग पहाड़ी और चुनौतीपूर्ण होने के कारण लगातार बारिश के बीच श्रद्धालुओं को आगे भेजना जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे में मौसम की स्थिति सामान्य होने तक यात्रा को रोकने का निर्णय लिया गया है।
तंगलिंग और गणेश बाग में रोके गए श्रद्धालु
किन्नौर कैलाश यात्रा के लिए शुक्रवार को तंगलिंग बेस कैंप पहुंचे श्रद्धालुओं को आगे नहीं भेजा गया। मौसम खराब होने के कारण उन्हें बेस कैंप पर ही रुकने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं, वीरवार को दूसरे बेस कैंप गणेश बाग पहुंच चुके श्रद्धालुओं को भी आगे जाने की अनुमति नहीं दी गई। ये श्रद्धालु फिलहाल वहीं ठहरे हुए हैं और प्रशासन मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
यात्रा मार्ग पर बारिश के कारण परिस्थितियां अनुकूल नहीं होने से प्रशासन जल्दबाजी में कोई फैसला लेने के बजाय मौसम के सुधरने का इंतजार कर रहा है। श्रद्धालुओं को भी प्रशासन के निर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया है।
मौसम अनुकूल रहा तो शनिवार को 375 श्रद्धालु होंगे रवाना
प्रशासन अब शुक्रवार रात और शनिवार को मौसम की स्थिति का आकलन करेगा। यदि मौसम अनुकूल रहता है और यात्रा मार्ग श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए सुरक्षित पाया जाता है, तो शनिवार को 375 श्रद्धालुओं को किन्नौर कैलाश यात्रा के लिए रवाना किया जा सकता है।
यात्रा दोबारा शुरू करने से पहले मौसम के साथ-साथ यात्रा मार्ग की स्थिति का भी जायजा लिया जाएगा। प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि श्रद्धालुओं को किसी तरह के खतरे का सामना न करना पड़े।
यदि मौसम खराब बना रहता है तो यात्रा को आगे भी रोका जा सकता है। ऐसे में शनिवार को यात्रा शुरू होने का फैसला पूरी तरह मौसम और मार्ग की सुरक्षा पर निर्भर करेगा।
दो दिन से लगातार हो रही भारी बारिश ने बढ़ाई चिंता
किन्नौर जिले में पिछले दो दिनों से लगातार बारिश हो रही है। बुधवार रात और वीरवार रात भी जिले के कई क्षेत्रों में भारी बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में यात्रा मार्ग की परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हो गई हैं।
किन्नौर कैलाश यात्रा का मार्ग सामान्य पहाड़ी सड़कों की तुलना में अधिक कठिन माना जाता है। ऐसे में बारिश के दौरान फिसलन, मलबा आने और रास्ते की स्थिति खराब होने की आशंका बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं की आवाजाही रोकने का फैसला लिया है।
प्रशासन का कहना है कि मौसम में सुधार के बाद ही यात्रा को दोबारा शुरू किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
प्रशासन की निगरानी में श्रद्धालु, मौसम पर टिकी अगली यात्रा
फिलहाल तंगलिंग बेस कैंप और गणेश बाग में रुके श्रद्धालुओं की स्थिति पर प्रशासन नजर बनाए हुए है। शुक्रवार रात और शनिवार के मौसम की स्थिति यात्रा के अगले चरण को तय करेगी।
प्रशासन की कोशिश है कि मौसम में सुधार होने के बाद ही श्रद्धालुओं को आगे भेजा जाए, ताकि यात्रा के दौरान किसी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। श्रद्धालुओं के लिए भी यह जरूरी है कि वे मौसम संबंधी अपडेट और प्रशासन के निर्देशों पर ध्यान दें।
किन्नौर में बारिश का दौर जारी रहने की स्थिति में यात्रा को आगे भी स्थगित रखा जा सकता है। वहीं, यदि मौसम साफ होता है और मार्ग सुरक्षित पाया जाता है, तो शनिवार को निर्धारित 375 श्रद्धालुओं को आगे जाने की अनुमति मिल सकती है।
मौसम साफ हुआ तो फिर गूंजेगा किन्नौर कैलाश यात्रा मार्ग
हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु कठिन पहाड़ी मार्ग से होकर किन्नौर कैलाश के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। लेकिन इस बार मौसम यात्रा की गति पर असर डाल रहा है। लगातार बारिश के कारण शुक्रवार को श्रद्धालुओं को बेस कैंप से आगे नहीं भेजा गया।
अब सभी की नजर शनिवार के मौसम पर है। मौसम अनुकूल रहा तो 375 श्रद्धालुओं की यात्रा शुरू हो सकती है, जबकि खराब मौसम की स्थिति में श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर ही रोका जाएगा।
प्रशासन की प्राथमिकता स्पष्ट है कि मौसम पूरी तरह अनुकूल और यात्रा मार्ग सुरक्षित होने के बाद ही श्रद्धालुओं को आगे बढ़ाया जाए। ऐसे में शनिवार को किन्नौर कैलाश यात्रा को लेकर अंतिम फैसला मौसम की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था के आकलन के बाद लिया जाएगा।



