➤ किन्नौर में खराब मौसम के चलते किन्नर कैलाश यात्रा स्थगित, अगले आदेश तक रोक
➤ प्रदेश में 21 से 23 जुलाई तक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, कई जिलों में येलो अलर्ट जारी
➤ अब तक 110 लोगों की मौत, 1200 करोड़ की संपत्ति को नुकसान, लाहौल में बाइक यात्रा पर भी रोक
खराब मौसम के चलते किन्नर कैलाश यात्रा को प्रशासन ने अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है। यात्रा की शुरुआत बीते मंगलवार को हुई थी और इसे 30 अगस्त तक चलना था, लेकिन तेज बारिश, खराब रास्तों और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए इसे फिलहाल असुरक्षित घोषित कर रोका गया है। अब यह यात्रा मौसम अनुकूल होने और रास्तों के दुरुस्त होने के बाद पुनः शुरू की जाएगी।
किन्नर कैलाश यात्रा भगवान शिव के भक्तों के लिए बेहद पवित्र मानी जाती है, जो 19,850 फीट की ऊंचाई पर स्थित शीतकालीन प्रवास स्थल तक पहुंचती है। मगर तीन दिन बाद ही यात्रा को रोकना पड़ा, जिससे देशभर से आए श्रद्धालु निराश हैं।

मौसम विभाग ने राज्य में 21 से 23 जुलाई तक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें कांगड़ा, मंडी, शिमला, सिरमौर और कुल्लू जिलों को शामिल किया गया है। इसके अलावा, आज के लिए चंबा और कांगड़ा जिलों में येलो अलर्ट जारी है। इसी बीच, लाहौल स्पीति और किन्नौर जिलों में फ्लैश फ्लड की चेतावनी दी गई है।
मनाली-लेह हाईवे पर बाइक राइड को भी प्रशासन ने रोक दिया है, खासकर तंगलांग इलाके में सड़क टूटने के कारण बाइकर्स की आवाजाही आगामी आदेशों तक बंद कर दी गई है।
बारिश से नुकसान की बात करें तो इस मानसून सीजन में अब तक 110 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से 23 की मौत भूस्खलन, बादल फटने और बाढ़ में बहने से हुई है। 35 लोग अब भी लापता हैं। साथ ही, 1200 करोड़ से अधिक की संपत्ति नष्ट हो चुकी है और 1000 से ज्यादा घरों को भारी नुकसान हुआ है।
मौसम विभाग ने के अनुसार इस सप्ताह सामान्य से 35 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। हालांकि, पूरे मानसून सीजन में अब तक सामान्य से 12 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है।



