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कुल्लू में लॉरेंस ग्रुप के नाम पर कारोबारी से मांगी 10 लाख की फिरौती

➤ कुल्लू के कारोबारी से लॉरेंस ग्रुप के नाम पर मांगे गए 10 लाख रुपये

➤ विदेशी नंबरों से आई कॉल पर सुबह तक रकम न देने पर जान से मारने की धमकी

➤ पुलिस ने बीएनएस की धारा 308(3) में दर्ज की एफआईआर, साइबर सेल कर रही जांच


कुल्लू। हिमाचल प्रदेश के जिला मुख्यालय कुल्लू में एक कारोबारी से लॉरेंस ग्रुप के नाम पर 10 लाख रुपये की फिरौती मांगने और रकम न देने पर जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। आरोपी ने विदेशी मोबाइल नंबरों से फोन कर कारोबारी पर रकम देने का दबाव बनाया। धमकियों से परेशान कारोबारी ने पुलिस थाना कुल्लू में शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस को दी शिकायत में कारोबारी तेजिंद्र सिंह ने बताया कि 2 नवंबर की रात करीब 8:02 बजे उनके मोबाइल पर एक अनजान विदेशी नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को लॉरेंस ग्रुप का सदस्य बताते हुए 10 लाख रुपये की मांग की। आरोपी ने कहा कि वह रकम जमा करवाने के लिए बैंक खाते का नंबर भेजेगा। कारोबारी ने इस नंबर को ब्लॉक कर दिया।

सात मिनट में दूसरी कॉल। इसके कुछ ही मिनट बाद रात 8:09 बजे दूसरे विदेशी नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले ने धमकी दी कि अगर अगली सुबह तक 10 लाख रुपये नहीं दिए गए तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा। रात 8:11 बजे इसी नंबर से दोबारा कॉल आई। आवाज़ पहचानने के बाद कारोबारी ने दूसरे नंबर को भी ब्लॉक कर दिया।

पुलिस को सूचना और एफआईआर। घटना के बाद कारोबारी ने 100 नंबर पर फोन कर पुलिस को सूचना दी। इसके बाद वह थाना कुल्लू पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(3) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है, जो जबरन वसूली के उद्देश्य से किसी को भय में डालने से जुड़ी है। एसपी अभिषेक एस ने बताया कि साइबर सेल की मदद से दोनों संदिग्ध मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है।

क्या गैंग का ही हाथ। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कॉल करने वाले का वास्तव में लॉरेंस गैंग से कोई संबंध है या किसी ने गैंग का नाम इस्तेमाल कर कारोबारी को डराने की कोशिश की है। जांच में कॉल करने वाले की पहचान, नंबरों के स्रोत और संभावित नेटवर्क का पता लगाया जाएगा। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब देश के कई हिस्सों से गैंग के नाम पर वसूली की धमकियों की खबरें आ रही हैं। नागपुर में 8 सराफा कारोबारियों को डाक से धमकी भरे पत्र मिलने का मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस को गैंग के जुड़ाव पर संदेह है। पंजाब के फगवाड़ा में एक प्रॉपर्टी डीलर को अंतरराष्ट्रीय नंबरों से धमकी भरे कॉल आने की शिकायत है और वहां भी पुलिस दावे की पुष्टि में जुटी है। हाल ही में मुंबई पुलिस ने तुषार कपूर को आई धमकी भरी कॉल में आवाज़ का मिलान न होने पर फर्ज़ी कॉल का शक जताया है।

विदेशी नंबरों का इस्तेमाल क्यों। जानकारों के अनुसार ऐसी कॉल में अक्सर इंटरनेट-आधारित कॉलिंग या विदेशी कोड वाले नंबरों का इस्तेमाल किया जाता है, ताकि कॉल करने वाले की असली लोकेशन और पहचान छिपी रहे। पुलिस ऐसे मामलों में तकनीकी सबूतों, कॉल डिटेल और बैंक खातों की कड़ियों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश करती है।

अगर आपको ऐसी धमकी भरी कॉल आए तो क्या करें।

  • घबराकर कोई रकम न भेजें, न बैंक खाता या ओटीपी साझा करें।
  • कॉल करने वाले का नंबर, समय, कॉल रिकॉर्डिंग और स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें। नंबर ब्लॉक करने से पहले उसका रिकॉर्ड ज़रूर रख लें।
  • तुरंत 112 पर सूचना दें और नज़दीकी थाने में लिखित शिकायत दर्ज करवाएं।
  • ऑनलाइन पैसे की मांग या ठगी की आशंका हो तो साइबर हेल्पलाइन 1930 पर भी सूचना दें।
  • धमकी की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा करने की बजाय पुलिस को दें और परिवार व कर्मचारियों को सतर्क रखें।