➤ एमआरपी से अधिक दाम वसूलने पर कुल्लू की छह शराब दुकानें सील
➤ छह संचालकों पर 25-25 हजार रुपये जुर्माना, कुल 1.50 लाख की कार्रवाई
➤ विभाग की चेतावनी- स्टॉक की कमी का बहाना बनाकर भी ज्यादा वसूली बर्दाश्त नहीं होगी
कुल्लू। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में शराब की बोतलों पर निर्धारित एमआरपी से अधिक दाम वसूलना छह शराब दुकान संचालकों को भारी पड़ गया। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद आबकारी एवं कराधान विभाग की टीम ने अलग-अलग क्षेत्रों में जांच की और शिकायतें सही पाए जाने पर छह शराब दुकानों को सील कर दिया। विभाग ने कार्रवाई के साथ सभी छह संचालकों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस तरह छह दुकानों पर कुल 1.50 लाख रुपये का जुर्माना किया गया है।
विभाग की कार्रवाई शमशी, बाशिंग, सरवरी बाजार, जगतसुख, मनालसू और हरिपुर स्थित शराब दुकानों में की गई। अधिकारियों के अनुसार इन दुकानों के संबंध में पिछले कुछ दिनों से शराब की बोतलों के लिए निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूलने की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विभागीय टीम ने मौके पर जाकर जांच की। जांच के दौरान आरोप सही पाए जाने के बाद संबंधित लाइसेंसधारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
इस कार्रवाई से कुल्लू जिले के शराब कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग ने साफ कर दिया है कि निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूलना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन मिलने पर लाइसेंसधारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
शमशी से हरिपुर तक छह ठेकों पर कार्रवाई
आबकारी एवं कराधान विभाग की टीम ने जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में जांच के दौरान छह दुकानों को कार्रवाई के दायरे में लिया। इनमें शमशी, बाशिंग, सरवरी बाजार, जगतसुख, मनालसू और हरिपुर की शराब दुकानें शामिल हैं।
इन दुकानों के संचालकों पर शराब की बोतलों के निर्धारित मूल्य से ज्यादा कीमत वसूलने का आरोप था। विभाग को शिकायतें मिलने के बाद पहले उनकी जांच की गई और मौके पर शिकायतें सही पाए जाने के बाद दुकानों को सील कर दिया गया।
इसके साथ ही प्रत्येक संचालक पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। छह मामलों में कुल जुर्माने की राशि 1.50 लाख रुपये है।
जुर्माना जमा करने के बाद ही खुल सकेंगी दुकानें
विभाग के अनुसार संबंधित संचालकों को पहले लगाया गया जुर्माना अदा करना होगा। जुर्माना जमा करने के बाद ही संबंधित दुकानें दोबारा खोली जा सकेंगी।
इस कार्रवाई के जरिए विभाग ने शराब कारोबारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि लाइसेंस के तहत कारोबार करते समय निर्धारित मूल्य और अन्य नियमों का पालन करना अनिवार्य है। उपभोक्ताओं से मनमाने तरीके से अतिरिक्त राशि वसूलने की शिकायत सामने आने पर विभाग जांच के बाद कार्रवाई करेगा।
लगातार शिकायतों के बाद विभाग ने की जांच
उपायुक्त आबकारी एवं कराधान विभाग गगनेश कुमार गुप्ता ने बताया कि विभाग को पिछले कुछ दिनों से शराब के अधिक दाम वसूलने की शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों की जांच की गई और शिकायतें सही पाए जाने के बाद संबंधित दुकानों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई गई।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग की ओर से शराब की दुकानों में निर्धारित मूल्य और लाइसेंस संबंधी नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए निगरानी बढ़ाई जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार केवल शिकायतों के आधार पर ही नहीं, बल्कि रूटीन चेकिंग के दौरान भी शराब दुकानों की जांच की जाएगी। जिन कारोबारियों को शराब बिक्री के लाइसेंस जारी किए गए हैं, उनके परिसरों की भी जांच की जाएगी।
रूटीन चेकिंग में भी होगी दुकानों की निगरानी
आबकारी विभाग ने संकेत दिया है कि शराब दुकानों पर निगरानी की प्रक्रिया को और मजबूत किया जाएगा। अधिकारियों की ओर से नियमित जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि लाइसेंसधारी निर्धारित नियमों के मुताबिक कारोबार कर रहे हैं या नहीं।
खास तौर पर शराब की बोतलों पर निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली, लाइसेंस से संबंधित नियमों और अन्य शर्तों के पालन की जांच की जाएगी। विभाग का कहना है कि नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित लाइसेंसधारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद उपभोक्ताओं के लिए भी यह संदेश अहम है कि यदि किसी दुकान पर निर्धारित मूल्य से ज्यादा राशि मांगी जाती है तो इसकी शिकायत विभाग तक पहुंचाई जा सकती है।
कुल्लू के कुछ ठेकों में स्टॉक की कमी की समस्या भी
इसी बीच कुल्लू जिले के कुछ शराब ठेकों में स्टॉक की कमी की समस्या भी सामने आई है। उपायुक्त आबकारी एवं कराधान विभाग गगनेश कुमार गुप्ता ने बताया कि जिले के कई ठेकों में शराब के स्टॉक की कमी चल रही है।
विभाग इस समस्या को दूर करने के लिए संबंधित कंपनी प्रबंधन के साथ मिलकर काम कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार कंपनियों के साथ समन्वय कर आपूर्ति व्यवस्था को सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
विभाग को उम्मीद है कि जल्द ही शराब के स्टॉक से संबंधित समस्या दूर हो जाएगी और जिन दुकानों में आपूर्ति की कमी है, वहां स्थिति सामान्य हो सकेगी।
स्टॉक की कमी बताकर ज्यादा पैसे वसूले तो होगी कार्रवाई
विभाग ने स्टॉक की कमी को लेकर भी स्थिति स्पष्ट कर दी है। किसी दुकान में शराब की उपलब्धता कम होने या स्टॉक की समस्या होने का यह मतलब नहीं है कि उपभोक्ताओं से निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूली जा सकती है।
आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्टॉक की कमी या किसी अन्य कारण का हवाला देकर निर्धारित मूल्य से ज्यादा पैसे लेना स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि जांच के दौरान ऐसा मामला सामने आता है तो संबंधित लाइसेंसधारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कुल्लू में छह दुकानों पर हुई कार्रवाई को इसी सख्ती के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। विभाग की जांच और रूटीन चेकिंग आगे भी जारी रहने की बात कही गई है। ऐसे में शराब कारोबारियों के लिए निर्धारित मूल्य, लाइसेंस की शर्तों और अन्य नियमों का पालन करना अब और भी महत्वपूर्ण हो गया है।



